Latest संपादकीय चिंतन ,मंथन और विश्लेषण-- News
हिमाचल की राजनीति में नवयुवकों का युग आने वाला है……? युवा कार्यकर्ताओं को मिलेगा अवसर: क्या 2027 के चुनाव में बदलेगा राजनीतिक समीकरण…….?
संपादकीय चिंतन, मंथन और विश्लेषण : संपादक राम प्रकाश बत्स हिमाचल प्रदेश…
हिमाचल बजट 2026: संतुलन, सियासत और जनअपेक्षाओं की कसौटी पर सरकार, रोजगार, किसान, कर्मचारी राहत और संभावित कर बढ़ोतरी के बीच विकास की नई दिशा तय करेगा ।
Editorial articles on current events,न्यूज़ इंडियाआजतक संपादक राम प्रकाश बत्स Himachal Pradesh…
हिमाचल में सरकारी पाठशालाओं का अस्तित्व संकट में, घटती छात्र संख्या, मर्ज नीति और बढ़ता निजी वर्चस्व—शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न, जवाबदेही तय करने का समय अब।
संकेतिक चित्र Editorial articles on current events,Editor Ram Parkash Vats धरोहर से…
संपादकीय:अवैध खनन पर कठोर सख्ती आवश्यक, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए प्रभावी नीति व सशक्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की जरूरत
संपादकीय चिंतन, मंथन और विश्लेषण: संपादक राम प्रकाश वत्सप्राकृतिक संसाधन किसी भी…
हिमाचल की आर्थिक बदहाली के लिए न तो केवल भाजपा जिम्मेदार है और न ही केवल कांग्रेस। जिम्मेदारी उस राजनीतिक संस्कृति की है जिसमें दीर्घकालिक सोच, कठिन फैसलों और संसाधनों के न्यायसंगत उपयोग को प्राथमिकता नहीं दी गई।
54 वर्षों का शासन, बढ़ता कर्ज और करों की मार—हिमाचल की आर्थिक…
स्वतंत्रता संग्राम के अमर मोती: भाई हिरदा राम(राष्ट्रीय धरोहर और गौरवशाली इतिहास का उज्ज्वल अध्याय)
भारत की स्वतंत्रता केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि असंख्य त्यागों, बलिदानों…
आजादी के नायक भाई हिरदा राम उपेक्षित: गदर पार्टी के क्रांतिकारी को न सम्मान मिला, न छीना गया घर-जमीन लौटी, सरकारें इतिहास के प्रति रही………
आजादी के नायक भाई हिरदा राम संपादकीय चिंतन, मंथन और विश्लेषण-संपादक राम…
संपादकीय : बदलती दुनिया, बदलता भारत — घटनाओं के आईने में राजनीति और समाज
आज का युग तीव्र परिवर्तन का युग है। देश-विदेश में घट रही…
धारा-118 पर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का ब्यान-धारा-118 सुरक्षित है —असुरक्षित नहीं यह सिर्फ़ झूठ की राजनीति।”
आज मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने…
गैस हादसों की सामाजिक त्रासदी: उजड़ते परिवार, छिनती रोज़ी, लंबे समय का भय, घनी बस्तियों और ग्रामीण इलाकों में संकरी गलियां, अव्यवस्थित वायरिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी बन जानलेवा
बार-बार गैस सिलेंडरों के फटने की घटनाओं से न केवल लोगों की…



