Latest मेरा संपादकीय दृष्टिकोण News
चंबा अब इंतज़ार नहीं, अधिकार चाहता है—रेलवे का अधिकार।चंबा अब भी रेल संपर्क से दूर—विकास, पर्यटन और जनजीवन पर गहरा असर
चिंतन–मंथन और विश्लेषण संपादक राम प्रकाश वत्स हिमाचल प्रदेश का सीमांत जिला…
नगरोटा सुरिया–जरोट पुल बनने से ज्वाली क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार और कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाला विकास मार्ग
पौंगबांध क्षेत्र में पर्यटन विकास को गति देने के लिए सड़क व…
“हिमाचल के वैध अधिकारों की पुनः पुष्टि: चंडीगढ़ में 7.19% हिस्सेदारी, BBMB में स्थायी सदस्यता और जल–विद्युत रॉयल्टी पर न्यायसंगत समाधान अब समय की आवश्यकता”
हिमाचल प्रदेश द्वारा चंडीगढ़ की भूमि और परिसंपत्तियों पर 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी…
डिजिटल राजस्व सेवाएँ: सुविधा के नाम पर बढ़ता बोझ
ऑनलाइन प्रक्रिया ने बढ़ाई गति, पर शुल्क संरचना ने बढ़ाई चिंता प्रति…
नूरपुर के नामकरण पर उठी जनभावना और ऐतिहासिक चेतना का नवोदय
शहीद वज़ीर राम सिंह पठानिया गौरवशाली अतीत इतिहास की धूल में गुम…
शौर्य के प्रतीक वज़ीर राम सिंह पठानिया: हिमालय का वह युवा सिंह जिसने अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिला दी
वज़ीर राम सिंह पठानिया, वह युवक जिसने हिमालयी माटी की इज़्ज़त के…
बिहार की राजनीतिक हार: क्यों विपक्ष बार-बार चूक जाता है……….?
बिहार के हालिया चुनाव परिणामों ने भारतीय राजनीति के भीतर कई परतों…
नशे के विरुद्ध मुख्यमंत्री सुक्खू की पहल: हिमाचल के भविष्य की सुरक्षा का संकल्प
संपादकीय चिंतन और विश्लेषण पहाड़ों में फैलता नशे का साया और बढ़ती…
राजनीतिक लाभ क्षणिक, लेकिन विदेशी घुसपैठ का दूरगामी प्रभाव घातक”
राजनीतिक लाभ भले ही तत्काल मिल जाता हो, परन्तु अवैध विदेशी घुसपैठ…
पिछले कई दशकों में भाजपा या कांग्रेस किसी भी सरकार ने फिजिकल एजुकेशन अध्यापकों की तैनाती को गंभीरता से नहीं लिया। यदि कहीं नियुक्तियां हुई भी हैं तो वह उंट के मुंह में जीरे के समान हैं। ऐसे में वर्षों से प्रशिक्षित और योग्य युवाओं के लिए अब भी नियमित बैचवाइज नियुक्ति की आश अधूरी ही बनी हुई है।
शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के…

