Reading: *हम थे कभी एक साथ *राजकीय उच्च विद्यालय माओ में 20 फरवरी 2026 का दिन भावनाओं से भरा रहा। स्कूल परिसर में हँसी, तालियों और नम आँखों के बीच दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को विदाई दी गई।

*हम थे कभी एक साथ *राजकीय उच्च विद्यालय माओ में 20 फरवरी 2026 का दिन भावनाओं से भरा रहा। स्कूल परिसर में हँसी, तालियों और नम आँखों के बीच दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को विदाई दी गई।

RamParkash Vats
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न्यूज इंडिया आजतक, मुख्य कार्यालय भरमाड़ (जवाली) संपादक राम प्रकाश वत्स

नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजकीय उच्च विद्यालय माओ में 20 फरवरी 2026 का दिन भावनाओं से भरा रहा। स्कूल परिसर में हँसी, तालियों और नम आँखों के बीच दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को विदाई दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्याध्यापिका श्रीमती नीरज बाला ने की, और पूरा वातावरण स्नेह, अपनापन और भविष्य की उम्मीदों से सराबोर दिखा।

नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने अपने सीनियर्स के लिए जो फेयरवेल पार्टी आयोजित की, वह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था—वह रिश्तों की गर्माहट का उत्सव था। रंग-बिरंगी सजावट, मुस्कुराते चेहरे और मंच पर प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांध दिया। गीतों और नृत्यों के बीच कई बार ऐसा लगा जैसे समय कुछ पल के लिए ठहर गया हो।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब “आदर्श” को मिस्टर फेयरवेल और “रिहानी” को मिस फेयरवेल चुना गया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच दोनों के चेहरे पर झलकती खुशी और साथियों की उत्साहित आवाजें उस पल को यादगार बना गईं। विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को आकर्षक टाइटल देकर अपने स्नेह और मित्रता को शब्दों में पिरोया।

मुख्याध्यापिका श्रीमती नीरज बाला ने अपने संबोधन में बच्चों को अनुशासन, ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ जीवन की नई राहों पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनके शब्दों में एक मां जैसी ममता और गुरु जैसा मार्गदर्शन झलक रहा था। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर इस दिन को हमेशा के लिए यादों में संजो दिया।

इस पर विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए—किसी ने स्कूल की शरारतें याद कीं, तो किसी ने शिक्षकों के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। कई आँखें नम थीं, लेकिन उन आँसुओं में भविष्य के सपनों की चमक भी थी।
कार्यक्रम के अंत में भोजन और जलपान का आयोजन किया गया। शिक्षकों—श्रीमती रेनू बाला, बलराज सिंह गिल, विपन कुमार, शालिनी देवी, वंदना रानी, ममता देवी और ज्योति—ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विदाई का यह समारोह केवल एक अध्याय का समापन नहीं था, बल्कि नई उड़ान की शुरुआत का संकेत था। स्कूल की दीवारों में गूंजती तालियाँ और भावनाओं से भरे वे पल लंबे समय तक सभी के दिलों में बसे रहेंगे।

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