फतेहपुर (शिमला) 13 फरवरी 2026 ब्यूरो चीफ विजय समयाल
चलचित्र
फतेहपुर में मानवता की धड़कन उस समय और तेज हो गई, जब सामाजिक सरोकार की एक सशक्त मिसाल सामने आई। प्रेस क्लब फतेहपुर द्वारा आयोजित पांचवें वार्षिक रक्तदान शिविर में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने मिलकर यह साबित कर दिया कि जब बात मानव जीवन बचाने की हो, तो समाज एकजुट होकर खड़ा होता है।
पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह फतेहपुर में आयोजित इस शिविर में कुल 73 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि 73 संभावित जीवनों की रक्षा का संकल्प है। रक्तदान ऐसा महादान है, जो किसी अजनबी को भी जीवन की नई आशा दे सकता है। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और आपात स्थितियों में रक्त की आवश्यकता अक्सर अचानक सामने आती है। ऐसे समय में इसी प्रकार के शिविर मानवता के सच्चे प्रहरी बनकर सामने आते हैं।

प्रेस क्लब फतेहपुर के प्रधान रविन्द्र चौधरी ने बताया कि यह उनका पांचवां वार्षिक प्रयास है, जो समाज के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, सहयोगियों और चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक भवानी पठानिया ने स्वयं रक्तदान कर समाज के लिए प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान न केवल एक सामाजिक कर्तव्य है, बल्कि मानव जीवन के प्रति हमारी संवेदनशीलता का प्रमाण भी है। युवाओं से नियमित रक्तदान की अपील करते हुए उन्होंने इसे स्वस्थ समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। भाजपा ओबीसी नेता ओपी चौधरी ने भी रक्तदान कर इस मुहिम को मजबूती दी और लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित किया।

राजपूत कल्याण सभा फतेहपुर का सहयोग इस आयोजन की विशेष ताकत बना। सभा के सदस्य सुबह से शाम तक सेवा में जुटे रहे और पूरे आयोजन को व्यवस्थित एवं सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। यह सहयोग दर्शाता है कि जब सामाजिक संगठन और नागरिक एक साथ आते हैं, तो मानवहित के कार्य और भी प्रभावी बन जाते हैं।
शिविर में एसडीएम विश्रुत भारती, सतबीर गुलेरिया, जेई गणेश शर्मा, प्रेम शर्मा, समाजसेवी रघुवीर गुलेरिया, भामसं नेता मदन राणा, बीडीओ फतेहपुर, डॉ. विनित पराशर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फतेहपुर का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता के प्रति जागरूक समाज की पहचान है। ऐसे प्रयास हमें याद दिलाते हैं कि सच्ची प्रगति केवल विकास योजनाओं से नहीं, बल्कि परस्पर सहयोग, संवेदनशीलता और सेवा भावना से होती है। रक्तदान जैसे कार्य समाज को मजबूत, संवेदनशील और जीवनदायी बनाते हैं।

