Jawali/09/02/2026/ Ram Parkash Vatas
उपमंडल फतेहपुर और जवाली में सक्रिय राज्यव्यापी बन कटुओं के गिरोह ने जंगलों में दहशत फैला रखी है। हालात ऐसे हैं कि कई मामलों में वन विभाग भी इन गिरोहों के आगे लाचार और बौना दिखाई देता है। जानकारी के अनुसार बीते 18 महीनों में इन दोनों उपमंडलों में लगभग 10 से 15 अवैध कटान की घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है, जिनमें अधिकांश मामलों का पता तो चला, लेकिन संगठित गिरोह की पूरी कमर तोड़ने में विभाग अब तक सफल नहीं हो पाया है।
ताजा मामला उपमंडल जवाली के अंतर्गत वन रेंज जवाली की लाहडू बीट का है, जहां जंगल क्षेत्र में अवैध रूप से खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने और खैर के ठूंठों को जड़ से उखाड़ने की घटना सामने आई है। सूचना के आधार पर वन विभाग जवाली की टीम ने रविवार को एक ठेकेदार के खैर के डंप की जांच की। जांच के दौरान मौके पर तैनात ठेकेदार का कर्मी लकड़ी से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके चलते विभाग ने खैर की लकड़ी को सीज कर आरओ कार्यालय जवाली में पहुंचाया।वन विभाग की टीम अभी भी संबंधित जंगल क्षेत्र की गहन छानबीन में जुटी हुई है, ताकि अवैध कटान से जुड़े अन्य सुराग जुटाए जा सकें और दोषियों की पहचान की जा सके।
इस संबंध में वन विभाग नूरपुर के डीएफओ संदीप कोहली ने बताया कि सूचना मिलते ही लकड़ी को सीज कर दिया गया है और संबंधित ठेकेदार को आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लकड़ी के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डीएफओ ने बताया कि रेंज ऑफिसर जवाली से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है तथा जंगल की छानबीन के लिए अलग से टीम तैनात की गई है।उन्होंने दो टूक कहा कि अवैध कटान में संलिप्त दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और वन संपदा की लूट पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।

