सीतापुर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनपद सीतापुर के तपोधाम स्थित सतगुरु गिरधारी नाथ महाराज आश्रम में आयोजित मूर्ति स्थापना दिवस के पावन अवसर पर नवनिर्मित भवन एवं नवनिर्मित ‘गोरख अमृत धारा’ का लोकार्पण किया तथा विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर भव्य भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
Sitapur(UP)/09/02/2026/Reporter बिन्दू मौर्या

इस अवसर पर आयोजित भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री ने आश्रम से जुड़े सभी संतों, महात्माओं तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तपोधाम को भव्य स्वरूप देकर इसका लोकार्पण किया जाना अत्यंत गौरव का क्षण है, जो सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना को और सशक्त करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। बीते 11 वर्षों में भारत एक सशक्त वैश्विक शक्ति के रूप में उभरा है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार विदेशी आक्रमणों के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था, उद्योग-धंधे और गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाया गया, परंतु वर्तमान में देश पुनः विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है।

सनातन धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया की अनेक सभ्यताएं समय के साथ नष्ट हो गईं, लेकिन सनातन सभ्यता नित्य नए वैभव को प्राप्त कर रही है। सनातन सभ्यता का मूल मंत्र ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ है, जिसमें संपूर्ण विश्व को एक परिवार माना गया है। इसमें न केवल मानव, बल्कि संपूर्ण चराचर जगत के कल्याण की भावना निहित है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने समय-समय पर फूट डालने का प्रयास किया, लेकिन सनातन परंपरा अडिग रही और आगे बढ़ती रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में आस्था का सम्मान और सांस्कृतिक विरासतों का संरक्षण किया जा रहा है। वर्ष 2019 से कुंभ जैसे आयोजन को वैश्विक पहचान मिली और इसे यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत में स्थान प्राप्त हुआ। अयोध्या में भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा, विन्ध्यवासिनी धाम का जीर्णोद्धार, मथुरा-वृंदावन-ब्रजभूमि और नैमिषारण्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्य इसका प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि जनपद सीतापुर में भी व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने देश की एकता पर बल देते हुए कहा कि संगठित रहकर ही सतत विकास संभव है। उन्होंने विभाजनकारी तत्वों से सावधान रहने की अपील की। गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य का उदाहरण दिया तथा योगी गिरधारी नाथ की हिंगलाज धाम से तपोधाम सीतापुर तक की साधना यात्रा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि शक्तिपीठों की परंपरा महायोगी गुरु गोरखनाथ जी से जुड़ी है और उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान में महंत योगी तेजनाथ जी आश्रम का कुशल नेतृत्व कर रहे हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे राजस्थान विधानसभा सदस्य महंत बालकनाथ योगी,आश्रम के महंत योगी तेजनाथ,कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही,नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु विधायक रामकृष्ण भार्गव (मिश्रिख) विधायक ज्ञान तिवारी (सेवता) विधायक मनीष रावत (सिधौली) विधायक शशांक त्रिवेदी (महोली) जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सागर नगर पालिका अध्यक्ष नेहा अवस्थी भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण

