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चंबा में चार पुलिस कर्मी निलंबित, विभागीय कार्रवाई से मचा हड़कंप

RamParkash Vats
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चंबा क्राइम रिपोर्टर विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से विशेष रिपोर्ट

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से सामने आए एक संवेदनशील मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। चुराह क्षेत्र की एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के कथित अपहरण और बरामदगी से जुड़े मामले में अब महिला थाना चंबा की टीम विवादों में घिरती नजर आ रही है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, लड़की और उसके परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद विभाग ने चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, निलंबित कर्मचारियों में एक सब इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल शामिल हैं। चारों को फिलहाल पुलिस लाइन में अटैच किया गया है तथा पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। विभाग के भीतर इस कार्रवाई के बाद हलचल का माहौल बताया जा रहा है।मामले की शुरुआत 7 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब चुराह उपमंडल के एक व्यक्ति ने महिला थाना चंबा में शिकायत दर्ज करवाई कि उसकी 17 वर्षीय बेटी को क्षेत्र का ही एक युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। परिवार ने पहले अपने स्तर पर लड़की की तलाश की, लेकिन सफलता न मिलने पर पुलिस का सहारा लिया गया।

विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि शिकायत के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए साइबर तकनीक और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग का सहारा लिया। जांच के दौरान लड़की और युवक की लोकेशन दक्षिण भारत के शहर चेन्नई में सामने आई। इसके बाद महिला थाना चंबा की एक विशेष टीम को चेन्नई भेजा गया।बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने करीब 2800 किलोमीटर की लंबी यात्रा तय की। आने-जाने में लगभग दस दिन लगे, जबकि चेन्नई में चार दिनों तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने लड़की और युवक को खोज निकाला तथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों को वापस चंबा लाया गया। शुरुआत में इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा था।

लेकिन कहानी ने तब नया मोड़ ले लिया जब लड़की और उसके परिवार ने पुलिस टीम पर गंभीर आरोप लगाए। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, परिजनों ने शिकायत में कहा कि बयान दर्ज करवाने के दौरान लड़की पर कथित रूप से दबाव बनाया गया, उसे डराने-धमकाने का प्रयास हुआ और कुछ बयानों को बदलने के लिए मानसिक दबाव डाला गया। साथ ही, प्रक्रिया के दौरान कानूनी नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।सूत्रों की मानें तो शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद प्रारंभिक जांच शुरू की गई। जांच में कुछ प्रक्रियागत अनियमितताओं के संकेत मिलने पर विभाग ने बिना देरी कार्रवाई करते हुए चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

इस मामले में दिनेश शर्मा ने पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।फिलहाल युवक पुलिस हिरासत में बताया जा रहा है, जबकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लड़की को वास्तव में बहला-फुसलाकर ले जाया गया था या वह अपनी मर्जी से युवक के साथ गई थी। पूरे मामले पर अब विभागीय जांच की रिपोर्ट का इंतजार है।

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