सत्य और न्याय के लिए अडिग व्यक्ति ही सच्चा हिंदू : भूषण कमलेश मौर्य
बिसवां (सीतापुर)।
भारत एक हिंदू राष्ट्र है—इस बोध को समझना और उस पर गर्व करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यह विचार राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय मंत्री एवं साहित्य भूषण कमलेश मौर्य ‘मृदु’ ने व्यक्त किए। वे सकरन खंड की न्याय पंचायत मानपुर सिकरी अंतर्गत ग्राम गिरवरपुर में आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम राम–जानकी मंदिर प्रांगण में संपन्न हुआ।अपने संबोधन में मौर्य ने कहा कि व्यक्तिगत, जातिगत और वर्गीय अहंकार को त्याग कर जब समाज समरसता के साथ आगे बढ़ेगा, तभी राष्ट्र वैभवशाली बनेगा। उन्होंने सामाजिक समरसता, स्व-बोध, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्यों के पालन को राष्ट्र निर्माण की अनिवार्य शर्त बताया।
हिंदू समाज का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा—
“सत्य-न्याय के लिए अड़ा हो, वही हिंदू है।
निज स्वार्थ से कर्तव्य बड़ा हो, वही हिंदू है।
हिंदू घर में जन्म लेना पर्याप्त नहीं,
हिंदू हित के लिए खड़ा हो, वही हिंदू है।”
उन्होंने भारत की वैश्विक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र के रूप में विश्व से संवाद कर रहा है। अपनी काव्यात्मक पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने भारत की सैन्य और तकनीकी शक्ति को रेखांकित किया।
इस अवसर पर महंत स्वामी गोविंद दास ने कहा कि संगठित और अनुशासित हिंदू समाज ही देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जा सकता है। कार्यक्रम अध्यक्ष बाबा प्रेमदास पुजारी ने उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समाज को सजग और संगठित रहने का संदेश दिया।कार्यक्रम का संचालन सकरन खंड के सहसंपर्क प्रमुख अभिषेक मिश्र ने किया। सम्मेलन में जिला प्रचारक सुरेंद्र, जिला व्यवस्था प्रमुख मुन्ना लाल मौर्य, खंड कार्यवाह रामस्वरूप तथा ग्राम प्रधान हुकुम सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

