SHIMLA/18/01/2026/SCB VIJAY SAMYAL : शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग के CMO, BMO और MS के साथ करीब साढ़े चार घंटे तक सीधा संवाद कर ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का रोडमैप तय किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले तीन वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए ₹3000 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिसमें जायका फेज-2 के ₹1300 करोड़ शामिल हैं। बैठक की खास बात यह रही कि अधिकारियों की समस्याएं सुनने के साथ ही वित्तीय शक्तियों के विकेंद्रीकरण का फैसला लिया गया, ताकि फाइल वर्क कम हो और फैसले तेज़ी से ज़मीन पर उतरें।
स्मार्ट हेल्थकेयर की दिशा में बड़ा कदम: रोबोटिक सर्जरी और हाई-टेक लैब
प्रदेश में अब मेडिकल उपकरणों की खरीद AIIMS मानकों पर होगी और 15 साल पुराने उपकरण बदले जाएंगे। चमियाणा और टांडा की तर्ज पर नेरचौक व हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही ₹75 करोड़ की लागत से ‘स्मार्ट लैब’ स्थापित की जा रही हैं, जहां एक ही ब्लड सैंपल से सभी आवश्यक जांच संभव होंगी। हिमकेयर योजना को ऑडिट के जरिए और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि पात्र मरीजों को निर्बाध उपचार मिल सके।
भर्ती, वेतन सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने के लिए 236 डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है और 150 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। जॉब ट्रेनी डॉक्टरों के वेतन में बढ़ोतरी और भर्ती में लिखित परीक्षा के साथ साक्षात्कार के अंकों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अस्पतालों का निर्माण 60% से अधिक पूरा हो चुका है, उन्हें 31 मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों की सेवाएं ली जाएंगी, ताकि हिमाचल आने वाले तीन वर्षों में देश का अग्रणी ‘हेल्थ डेस्टिनेशन’ बन सके।

