शिमला25/05/2026: राज्य चीफ ब्यूरो विजय समयाल:
पुरानी पेंशन योजना (OPS) को वित्तीय संकट का कारण बताए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए न्यू पेंशन स्कीम (दस वर्ष से कम सेवाकाल वाले) सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारी महासंघ, हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजीव गुलेरिया ने सरकारों की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश और प्रदेश में आर्थिक असंतुलन के लिए पुरानी पेंशन योजना नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट घरानों की कर्जमाफी और चुनावी लाभ के लिए बांटी जा रही मुफ्त रेवड़ियां जिम्मेदार हैं।
शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. गुलेरिया ने कहा कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को आर्थिक बोझ बताना दुर्भाग्यपूर्ण और तथ्यों से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों से लेकर वर्तमान केंद्र सरकार तक बड़े कॉर्पोरेट घरानों के प्रति अत्यधिक उदार रवैया अपनाया गया, जिसके चलते लाखों-करोड़ों रुपये के कर्ज बट्टे खाते में डाल दिए गए। उनका कहना था कि जब पूंजीपतियों को राहत देने की बात होती है तो सरकारी खजाना खुला रहता है, लेकिन देश की सेवा में जीवन बिताने वाले कर्मचारियों की पेंशन को वित्तीय संकट से जोड़ दिया जाता है।
डॉ. गुलेरिया ने राजनीतिक दलों द्वारा चुनावी दौर में की जाने वाली मुफ्त योजनाओं की घोषणाओं को भी आर्थिक बदहाली का बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के तहत सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे आर्थिक ढांचा कमजोर पड़ रहा है और बाद में इसकी भरपाई कर्मचारियों के अधिकारों में कटौती कर की जाती है।महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पेंशन किसी प्रकार की रेवड़ी या दान नहीं, बल्कि कर्मचारियों का संवैधानिक और सामाजिक अधिकार है।
सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन बुजुर्ग कर्मचारियों के सम्मान, दवा-इलाज और जीवनयापन का आधार होती है। उन्होंने विशेष रूप से दस वर्ष से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे कर्मचारी आज असुरक्षा और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, जो किसी भी लोक-कल्याणकारी सरकार के लिए चिंतन का विषय है।
उन्होंने मांग उठाई कि चुनावी फायदे के लिए मुफ्त घोषणाओं पर अंकुश लगाया जाए, कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को वित्तीय घाटे के नाम पर प्रभावित करना बंद किया जाए तथा सभी कर्मचारियों, विशेषकर दस वर्ष से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक पुरानी पेंशन व्यवस्था शीघ्र बहाल की जाए।डॉ. गुलेरिया ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जब तक कर्मचारी और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे, तब तक विकास के दावे अधूरे रहेंगे। महासंघ कर्मचारियों के हक और सम्मान की लड़ाई को मजबूती से जारी रखेगा।

