Reading: दिल्ली से लौटे सीएम सुक्खू के संकेत, हिमाचल मंत्रिमंडल में जल्द फेरबदल संभव, खड़गे से मुलाकात के बाद तेज हुई सियासी हलचल और अफसरों पर बयानबाजी से सरकार असहज दिखी

दिल्ली से लौटे सीएम सुक्खू के संकेत, हिमाचल मंत्रिमंडल में जल्द फेरबदल संभव, खड़गे से मुलाकात के बाद तेज हुई सियासी हलचल और अफसरों पर बयानबाजी से सरकार असहज दिखी

RamParkash Vats
3 Min Read

शिमला/17/01/2026/SCB VIJAY SAMYAL :दिल्ली दौरे से लौटते ही हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। राजधानी शिमला के सियासी गलियारों में उस समय चर्चाएं तेज हो गईं, जब मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि राज्य मंत्रिमंडल में जल्द ही फेरबदल किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब मुख्यमंत्री दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर चुके हैं। राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को महज शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि संगठन और सरकार से जुड़े अहम फैसलों से जोड़कर देखा जा रहा है।

शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने साफ शब्दों में कहा कि आने वाले समय में मंत्रिमंडल में रिशफल की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि सरकार कुछ नई योजनाओं के साथ जनता के सामने आएगी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि कैबिनेट में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल तय है।

मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से हुई मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बैठक में सरकार के कामकाज, मंत्रियों के प्रदर्शन, संगठन और सरकार के बीच तालमेल तथा आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई होगी। इसी बैठक के बाद कैबिनेट फेरबदल के संकेत मिलने से इन अटकलों को और मजबूती मिली है।

उधर, प्रदेश में इन दिनों बाहरी राज्यों से आए IAS और IPS अधिकारियों को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान के बाद यह मुद्दा और गरमा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बाहरी राज्यों के अधिकारी शासक बनने की कोशिश न करें। वहीं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह और तकनीकी शिक्षा मंत्री ने इन अधिकारियों का बचाव करते हुए उनके काम की सराहना की है।

यह पूरा विवाद उस समय सामने आया, जब मुख्यमंत्री दिल्ली दौरे पर थे। मंत्रियों के बीच चली इस बयानबाजी ने सरकार की अंदरूनी एकजुटता पर सवाल खड़े किए। अब मुख्यमंत्री के शिमला लौटते ही कैबिनेट फेरबदल की चर्चा ने यह संकेत दिया है कि सरकार भीतर चल रहे असंतोष को शांत करने और संतुलन बनाने की दिशा में कदम उठा सकती है।

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!