Maira/ ज्वाली/31 Dec 2025/ Ram Parkash Vats
ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मैरा स्थित अद्वैत स्वरूप सन्यास आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ के छठे दिन श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण श्रवण किया।
आश्रम के स्वामी एवं कथा वाचक स्वामी राघवानंद ने श्रीमद्भागवत को समस्त पुराणों का तिलक बताते हुए कहा कि यह ग्रंथ परम पावन है और इसका श्रवण मानव जीवन को सार्थक करता है। उन्होंने कहा कि जिसे भगवान श्रीकृष्ण की सच्ची भक्ति प्राप्त करनी हो, उसे श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ का अवश्य श्रवण करना चाहिए।
कथा के छठे दिन सुदामा प्रसंग का भावपूर्ण प्रवचन किया गया। स्वामी राघवानंद ने कहा कि सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता त्याग, सादगी और निस्वार्थ प्रेम की अनुपम मिसाल है। सुदामा की दरिद्रता के बावजूद उनके हृदय में अहंकार नहीं था, जबकि श्रीकृष्ण ने मित्र धर्म निभाते हुए बिना मांगे ही उन्हें वैभव प्रदान किया। यह प्रसंग सिखाता है कि सच्ची भक्ति और विनम्रता से भगवान स्वयं अपने भक्त की चिंता करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के भौतिक युग में सुदामा का जीवन हमें संतोष, संयम और ईश्वर पर अटूट विश्वास की प्रेरणा देता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे और “कृष्ण–कृष्ण” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।इस अवसर पर रोहित भास्कर, ब्रजेश डोगरा, मनोज कुमार शर्मा सहित अनेक ग्रामीण व श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।

