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श्रीराम कथा के आठवें दिन सीता हरण प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

RamParkash Vats
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बिसवां,सीतापुर प्रदेश राज्य चीफ ब्यूरो-अनुज कुमार जैन
सीतापुर। तहसील बिसवां क्षेत्र के ग्राम रूसहन में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा के आठवें दिन कथा वाचक पंडित प्रेम चंद्र शुक्ला ने सीता हरण प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि रावण ने अपने अहंकार के चलते साधु का वेश धारण कर माता सीता का हरण किया।
उन्होंने विस्तार से बताया कि रावण भिक्षा मांगने के बहाने माता सीता के द्वार पर पहुंचा और उन्हें बाहर आकर भिक्षा देने के लिए प्रेरित किया। माता सीता ने लक्ष्मण रेखा का हवाला देते हुए बाहर आने से मना किया, लेकिन साधु बने रावण के आग्रह पर जब वह रेखा पार कर भिक्षा देने बाहर आईं, तभी रावण उन्हें अपने साथ ले गया।
सीता हरण का यह प्रसंग सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और हर ओर भगवान श्रीराम के नाम का सिमरन गूंजता रहा।
इस अवसर पर कथा आयोजक शिवबरन कश्यप, हेमराज कश्यप, रामगोपाल सहित विनय, दिलीप, रमेश कश्यप, तेज कुमार, संदीप, अरविंद, अंबुज, अंकित, आशीष, संगम, अनुज, हरिद्वारी, राजपति, निर्मला, गंगादेवी, गुड्डी, सुनीता, गीता, सविता, शिवानी, पूजा, चांदनी, गोल्डी, अंशिका, सीमा, अनीता, रुबी, याशी और रेखा सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।

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