शिमला/ 30 दिसम्बर 2025/ चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में हुई मारपीट की घटना का आखिरकार शांतिपूर्ण समाधान हो गया है। पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर राघव नरूला और मरीज अर्जुन पंवर ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त कर दिया। दोनों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाकर और गले लगकर समझौते की पुष्टि की तथा प्रदेशवासियों से हुई असुविधा के लिए माफी मांगी।
समझौते के दौरान डॉक्टर राघव की मां ने भावुक अपील करते हुए कहा कि अर्जुन और राघव दोनों उनके लिए समान हैं और परिवार इस सुलह के साथ खड़ा है। मरीज अर्जुन पंवर ने कहा कि डॉक्टर द्वारा माफी मांगे जाने के बाद उन्होंने भी दिल से उन्हें माफ कर दिया। उन्होंने हड़ताल के कारण जनता को हुई परेशानी के लिए खेद जताया। माहौल को हल्का करते हुए दोनों के बीच शादी का निमंत्रण और सुरक्षा को लेकर हंसी-मजाक भी हुआ।
मरीज के पिता ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की पहल से उन्हें न्याय मिला और आज विवाद के समाप्त होने से उन्हें संतोष है।
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि 22 दिसंबर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन संवाद और मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से समाधान संभव हुआ। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों को हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने पुनः जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हुईं। दोनों पक्षों की सहमति से पुलिस मामलों को समाप्त करने और डॉक्टर की सेवाओं की बहाली की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

