बिलासपुर(शिमला) दिसम्बर 2025/ चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
बिलासपुर जिले के लघट क्षेत्र में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिलाओं पर दर्ज एफआईआर के विरोध में मंगलवार को भाजपा ने जिला मुख्यालय में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिलासपुर मेन बाजार से उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

धरने को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने महिलाओं पर दर्ज एफआईआर को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि चिट्टा माफिया के खिलाफ पंचायतों में गश्त कर रही माताओं-बहनों पर मुकदमे दर्ज करना सरकार की नीयत और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के सौदागरों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार उन महिलाओं को निशाना बना रही है, जो अपने बच्चों को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए आगे आई हैं।

इस अवसर पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा, जे.आर. कटवाल, त्रिलोक जम्वाल सहित पार्टी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में महिलाओं पर दर्ज एफआईआर को तुरंत वापस लेने की मांग की
जयराम ठाकुर ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और चिट्टे के बढ़ते प्रचलन को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित वॉकथॉन जैसे कार्यक्रमों को दिखावा करार देते हुए कहा कि नशा इवैंट से नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और सख्त कार्रवाई से खत्म होता है। सरकार ऐसे आयोजनों के जरिए अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है।

लघट प्रकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस माफिया के दबाव में काम कर रही है और यह कार्रवाई किसी राजनीतिक इशारे पर की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में नशे के खिलाफ संयुक्त एक्शन प्लान बनाकर पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय से बड़े तस्करों पर शिकंजा कसा गया था, लेकिन मौजूदा सरकार पिछले तीन वर्षों में इस दिशा में विफल रही है।

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में डॉक्टर और मरीज के बीच हुए विवाद का जिक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने इसे प्रदेश की चरमराती कानून व्यवस्था का उदाहरण बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नशे के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए तो भाजपा सड़कों पर उतरकर बड़ा जन आंदोलन करेगी।

