SHIMLA,राज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
यह व्यवस्था अचानक नहीं, बल्कि चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता के चलते लागू की गई है। स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में अक्सर यह देखा गया है कि सरकारी कर्मचारी, जिनकी प्रशासनिक भूमिका महत्वपूर्ण होती है, वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। विशेष रूप से जब उनके परिवार का कोई सदस्य चुनाव मैदान में होता है, तब निष्पक्षता पर सवाल उठने की आशंका बढ़ जाती है।
मुख्यालय न छोड़ने का निर्देश इसलिए दिया गया है ताकि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी हर समय उपलब्ध रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सकें। चुनाव एक संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसमें कानून-व्यवस्था, मतदान व्यवस्था और मतगणना जैसे कई अहम कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे करने होते हैं। ऐसे में कर्मचारियों की अनुपस्थिति व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।
इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों के घरों में राजनीतिक सभाओं पर प्रतिबंध इसलिए आवश्यक है ताकि सरकारी संसाधनों और पद का दुरुपयोग न हो। इससे सत्ता पक्ष या किसी विशेष उम्मीदवार को अनुचित लाभ मिलने की संभावना समाप्त होती है। कुल मिलाकर, यह कदम चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक सख्त लेकिन आवश्यक पहल है।

