Sitapur,News India Aaj Tak. State Chief Bureau Anuj Kumar Jain
सवर्ण स्वाभिमान संस्थान “सवर्ण सेना” के प्रमुख प्रभाकर सिंह चौहान ने एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के कथित दुरुपयोग को लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज किसी का भी “टारगेट पूरा करने का साधन” नहीं है और समाज के खिलाफ हो रही कथित प्रताड़ना को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रभाकर सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में सवर्ण समाज के सामान्य नागरिकों के साथ-साथ शिक्षा, चिकित्सा, विकास सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत सरकारी और संविदा कर्मचारियों को भी एससी वर्ग के कुछ लोगों द्वारा एससी/एसटी एक्ट का भय दिखाकर धमकाया जा रहा है। उनका कहना है कि कानून की आड़ में सवर्ण समाज का मानसिक और आर्थिक शोषण किया जा रहा है, जिससे समाज में असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत के चलते पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। वहीं, इस गंभीर मुद्दे पर चुने हुए जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में मौन रहना जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता और नाकामी को दर्शाता है।
सवर्ण सेना प्रमुख ने चेतावनी देते हुए कहा कि संगठन अब तक शालीनता और संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी बात रखता आया है, लेकिन यदि उत्पीड़न का यह सिलसिला नहीं रुका तो सवर्ण समाज को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति के लिए शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि जिम्मेदार होंगे।
अंत में प्रभाकर सिंह चौहान ने प्रशासन से मांग की कि एससी/एसटी एक्ट का निष्पक्ष, संतुलित और न्यायसंगत तरीके से प्रयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो और कानून के कथित दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

