पौंग जलाशय क्षेत्र में अवैध मछली बिक्री के खिलाफ अभियान के दौरान दुकानों व ढाबों का निरीक्षण करती मत्स्य विभाग की टीम, बिना वैध बिल मछली बेचने पर कार्रवाई करते अधिकारी।
मत्स्य विभाग के सघन अभियान में 11,800 रुपये जुर्माना वसूला, वर्ष 2025-26 में अब तक 305 केस पकड़े गए
Shimla 22/12/2025 State ब्यूरो चीफ विजय समयाल
पौंग जलाशय क्षेत्र में अवैध मछली शिकार और बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मत्स्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सहायक निदेशक मत्स्य संदीप कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने एक सप्ताह तक सघन निरीक्षण अभियान चलाकर कई क्षेत्रों में दुकानों और ढाबों की जांच की।

पौंग जलाशय क्षेत्र में अवैध मछली बिक्री के खिलाफ अभियान के दौरान दुकानों व ढाबों का निरीक्षण करती मत्स्य विभाग की टीम, बिना वैध बिल मछली बेचने पर कार्रवाई करते अधिकारी।
अभियान के दौरान ज्वाली, घार-जरोट, नगरोटा सुरियाँ, फतेहपुर सहित पौंग जलाशय से सटे इलाकों में छापेमारी की गई। जांच में कई दुकानों पर बिना वैध बिल के मछली बिक्री के मामले सामने आए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विभागीय टीम ने मौके पर ही अवैध रूप से बेची जा रही मछली को जब्त किया और दोषी दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई।मत्स्य विभाग के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर अवैध मछली बिक्री के कुल 14 मामले दर्ज किए गए, जिनसे 11,800 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस कार्रवाई को अवैध गतिविधियों के खिलाफ विभाग की सख्त नीति का हिस्सा बताया गया है।

पौंग जलाशय क्षेत्र में अवैध मछली बिक्री के खिलाफ अभियान के दौरान दुकानों व ढाबों का निरीक्षण करती मत्स्य विभाग की टीम, बिना वैध बिल मछली बेचने पर कार्रवाई करते अधिकारी।
इस संबंध में मत्स्य विभाग हिमाचल प्रदेश के निदेशक विवेक चंदेल ने कहा कि अवैध मछली शिकार और बिक्री को लेकर विभाग की “शून्य सहिष्णुता” नीति है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पौंग जलाशय मत्स्य मंडल द्वारा अब तक अवैध मछली शिकार और बिक्री के 305 मामले पकड़े जा चुके हैं, जिनसे कुल 2,92,350 रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

निदेशक ने स्पष्ट किया कि पौंग जलाशय हजारों मछुआरों की आजीविका का प्रमुख आधार है और यहां किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे औचक और सघन निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे। साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कहीं भी अवैध मछली की खरीद-बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत मत्स्य विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।

