फतेहपुर/Shimla22/12/2025 State ब्यूरो चीफ विजय समयाल
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला कांगड़ा ने प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की खेल गतिविधियां पुनः शुरू करने की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की घोषणा का स्वागत किया है। संघ ने इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में सकारात्मक और दूरदर्शी कदम बताते हुए प्रदेशभर के बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए राहतभरी खबर करार दिया।
रविवार को जिला कांगड़ा प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष कुलदीप पठानियाँ, शिक्षा खंड फतेहपुर के प्रधान बलबीर सन्धू, ज्वाली के प्रधान राजेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी पठानियाँ के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में न्यू कंपलेक्स (न्यू क्लस्टर) प्रणाली का विरोध करते हुए इसके दुष्परिणामों को रेखांकित किया गया।
संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों ने पूर्व में मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को विश्वास में लिए बिना ही प्राथमिक स्कूलों के छोटे बच्चों की खेल गतिविधियां बंद करवा दी थीं, जिससे प्रदेश के लाखों बच्चे और अभिभावक आहत हुए। इस मुद्दे को हाल ही में हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने अगले सत्र से खेल गतिविधियां पुनः शुरू करने की घोषणा की।
शिक्षक संघ का कहना है कि खेलों के बिना बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास की कल्पना संभव नहीं है। ऐसे में मुख्यमंत्री का निर्णय स्वागतयोग्य है और इससे प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
हालांकि, संघ ने न्यू कंपलेक्स प्रणाली को लेकर गहरा रोष जताया। संघ के अनुसार यह प्रणाली प्राथमिक शिक्षा के मौजूदा ढांचे को कमजोर करेगी। वर्तमान में प्रदेश के करीब 22 हजार कार्यरत और 30 हजार से अधिक सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक इस फैसले से असंतुष्ट हैं। इसके साथ ही जेबीटी से टीजीटी, मुख्य शिक्षक पदोन्नति मामलों में देरी तथा हाल ही में लगभग 1000 शिक्षकों की पदोन्नति पर लगाई गई रोक को भी गंभीर चिंता का विषय बताया गया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि न्यू कंपलेक्स प्रणाली से मिड-डे मील वर्कर्स, मल्टी टास्क वर्कर्स, लिपिक वर्ग और बेरोजगार प्रशिक्षित जेबीटी व स्नातक भी प्रभावित होंगे। संघ ने मांग की कि 23 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना को तत्काल वापस लिया जाए और प्राथमिक शिक्षा का प्रशासनिक नियंत्रण पूर्व की भांति खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (BEEO) के पास ही रखा जाए।
इस अवसर पर खंड व जिला स्तर के अनेक पदाधिकारी, शिक्षक नेता तथा लगभग 70 अध्यापक-अध्यापिकाएं उपस्थित रहे। शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री से शीघ्र वार्ता कर सभी लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान की अपील की है।

