विलासपुर/15/12/2025/ Office Himachal News Dex
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के लघट गांव में महिलाओं ने नशे के खिलाफ जो जागरूकता और साहस दिखाया है, वह न केवल सराहनीय है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल भी बन रहा है। गांव की उत्साहित और सजग महिलाओं ने चिट्टा (हेरोइन) जैसे घातक नशे के सौदागरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अपने युवाओं और बच्चों को इस जहर से बचाने का बीड़ा खुद उठा लिया है। यह प्रयास समाज में महिलाओं की बदलती सोच, जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
महिला मंडल लघट से जुड़ी महिलाओं ने नशा तस्करों की बढ़ती गतिविधियों पर लगाम कसने के उद्देश्य से रात्रि ठीकरी पहरा शुरू किया है। रात के समय गांव और संपर्क मार्गों पर निगरानी रखकर महिलाएं न केवल संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही हैं, बल्कि नशा माफिया को स्पष्ट संदेश भी दे रही हैं कि अब गांव में उनके लिए कोई जगह नहीं है।
महिलाओं का कहना है कि रात होते ही बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है और इसी का फायदा उठाकर नशा तस्कर युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। कई बार पुलिस को सूचना देने पर तस्कर समय रहते फरार हो जाते हैं। ऐसे में महिलाओं ने स्वयं आगे बढ़कर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय लिया, ताकि नशा कारोबारियों की चालों को मौके पर ही नाकाम किया जा सके।
गौरतलब है कि लघट गांव दो पंचायतों—बैरी रजादियां और बरमाणा—के बीच मुख्य संपर्क मार्ग पर स्थित है। बरमाणा औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां दिन-रात वाहनों की आवाजाही रहती है, जबकि नए लिंक रोड पर रात के समय सन्नाटा छाया रहता है। इसी सुनसान का फायदा उठाकर नशा माफिया इस मार्ग का इस्तेमाल करता रहा है। लेकिन अब गांव की महिलाएं इस रास्ते पर सजग पहरा देकर नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने में जुटी हैं।
महिला मंडल की प्रधान पिंकी शर्मा का कहना है कि गांव में नशेड़ियों और संदिग्ध तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। महिलाओं का यह संकल्प साफ दर्शाता है कि समाज की असली ताकत संगठित जागरूकता में है।
नशे के खिलाफ लघट गांव की महिलाओं का यह प्रयास काबिले-तारीफ है। यह पहल न केवल युवाओं को सही दिशा देने में सहायक होगी, बल्कि प्रदेश भर की महिलाओं को भी यह सोचने और आगे आने के लिए प्रेरित करेगी कि अगर समाज को बचाना है, तो उसकी कमान खुद अपने हाथों में लेनी होगी।
चित्र बनाऐंमहिलाओं का समूह लाठियों को हाथ पकड़े रात के समय गाव के चौराहे पर पैरा देती हुई

