शिमला, राजनीतिक संवाददाता S,B,C, Vijay Samyal
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के शिमला दौरे के दौरान दिए गए बयानों को भ्रामक और तथ्यहीन करार देते हुए केंद्र सरकार पर प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। रविवार को जारी अपने बयान में विनय कुमार ने कहा कि भाजपा नेताओं को भाषणबाजी छोड़कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि केंद्र सरकार ने किस योजना के तहत हिमाचल को वास्तव में कितना धन उपलब्ध कराया है।
विनय कुमार ने कहा कि नड्डा द्वारा शिमला में किए गए दावों की सच्चाई जनता के सामने है। आपदा राहत के नाम पर केंद्र सरकार ने आज तक हिमाचल प्रदेश को एक भी रुपये की वास्तविक मदद नहीं दी है। उन्होंने याद दिलाया कि तीन महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1500 करोड़ रुपये की आपदा राहत राशि की घोषणा की थी, लेकिन 90 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद यह राशि प्रदेश सरकार को नहीं मिली। कांग्रेस अध्यक्ष ने कटाक्ष करते हुए कहा कि दिल्ली से शिमला पैदल पहुंचने में भी लगभग 96 घंटे लगते हैं, लेकिन भाजपा को घोषणा किए हुए तीन महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने तथाकथित डबल इंजन सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा शासनकाल में किए गए दावे खोखले साबित हुए और उसी दौर में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि आज भी भाजपा नेता बिना आधार के आंकड़े पेश कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
विनय कुमार ने यह भी कहा कि भले ही जगत प्रकाश नड्डा किसी अन्य राज्य से राज्यसभा में पहुंचे हों, लेकिन उनकी राजनीतिक कर्मभूमि हिमाचल प्रदेश ही रही है। ऐसे में उन्हें चाहिए कि वे आपदाग्रस्त प्रदेश के लोगों की पीड़ा को समझें और प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि को तुरंत जारी करवाने के लिए ठोस पहल करें।
नड्डा के शिमला दौरे को पूरी तरह राजनीतिक करार देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय मंत्री होने के बावजूद न तो उन्होंने प्रदेश के लिए कोई ठोस पैकेज घोषित किया और न ही किसी विशेष सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार पिछले तीन वर्षों से हिमाचल प्रदेश की ओर आंखें मूंदे बैठी है। वहीं प्रदेश से चुने गए भाजपा सांसदों पर भी झूठे आंकड़ों के जरिए जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया।
कांग्रेस ने दो टूक कहा है कि वह हिमाचल प्रदेश के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और केंद्र सरकार से प्रदेश का हक लेकर ही दम लेगी।

