चंबा /13 JAN 2026/सूत्र :हिमाचल प्रदेश के दुर्गम इलाकों में लोगों की मजबूरी अब उनकी जिंदगी पर भारी पड़ने लगी है। जहां इलाज के लिए मीलों सफर तय करना पड़ता है, वहीं फर्जी डॉक्टर गांवों में क्लीनिक खोलकर खुलेआम लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला चंबा जिले से सामने आया है, जहां पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक फर्जी डॉक्टर को रंगे हाथों पकड़ा गया है।
शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर रेटा गांव में चल रहे एक अवैध क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। मौके पर मौजूद कथित डॉक्टर बिना किसी मेडिकल डिग्री और लाइसेंस के मरीजों का इलाज कर रहा था। हैरान करने वाली बात यह रही कि छापेमारी के दौरान वह एक मरीज को एक्सपायरी स्टेरॉयड इंजेक्शन लगा रहा था, जिससे मरीज की जान को गंभीर खतरा था।जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी न केवल इंजेक्शन और एलोपैथिक दवाइयां दे रहा था, बल्कि बवासीर के मरीजों की सर्जरी तक कर चुका था। क्लीनिक महज एक कमरे में चल रहा था, जहां अवैध रूप से दवाइयों और इंजेक्शनों का बड़ा जखीरा जमा किया गया था।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से 35 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और 52 तरह की दवाइयां जब्त कीं। जांच में सामने आया कि ये सभी दवाइयां गैरकानूनी तरीके से खरीदी गई थीं। कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासी हेम राज, लेख राज, राज कुमार और तेज राम को गवाह बनाया गया, जिनकी मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की गई।विभाग ने आरोपी को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर दवाइयों की खरीद-फरोख्त से जुड़े सभी दस्तावेज पेश करने के आदेश दिए हैं। बिलों के आधार पर अब उन थोक दवा विक्रेताओं की पहचान की जा रही है, जिन्होंने बिना वैध कागजात दवाइयां सप्लाई कीं। उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह मामला न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि उन ग्रामीण इलाकों की हकीकत भी उजागर करता है, जहां इलाज की कमी का फायदा उठाकर फर्जी डॉक्टर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।

