सोलन(Shimla) 31 अक्तूबर 2025/ स्टेट चीफ़ ब्यूरो/विजय समयाल,
प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने एक ठोस राजनीतिक दिशा तय की है। इसी क्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने सोलन विधानसभा क्षेत्र के ममलीग में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार न केवल नई स्वास्थ्य सुविधाएं सृजित कर रही है, बल्कि मौजूदा संस्थानों के आधुनिकीकरण पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है।डॉ. शांडिल ने कहा कि कांग्रेस सरकार की सोच जन-कल्याण आधारित है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों तक चिकित्सा सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना है। शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में ट्रॉमा सेंटर, नया ओपीडी और पीईटी खंड का शुभारंभ इसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि अटल सुपर स्पेशलिटी संस्थान चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हो चुकी है और अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी इसे जल्द शुरू किया जाएगा।
राजनीतिक दृष्टि से यह पहल कांग्रेस सरकार की “लोक कल्याणकारी प्रशासन” की नीति को मजबूती देती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में निरंतर निवेश सरकार की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत प्रदेश को आत्मनिर्भर स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर अग्रसर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू का विजन “सशक्त हिमाचल – स्वस्थ हिमाचल” का नारा अब योजनाओं के रूप में धरातल पर उतर रहा है।डॉ. शांडिल ने यह भी बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे गरीब और ग्रामीण वर्ग को राहत मिली है। यह पहल न केवल तकनीकी दृष्टि से प्रदेश को आधुनिक बना रही है बल्कि राजनीतिक रूप से सरकार की समावेशी विकास नीति का भी सशक्त उदाहरण है।
बैठक में मंत्री ने यह जानकारी दी कि मुख्यमंत्री शीघ्र ही ममलीग दौरे पर आ रहे हैं, जहाँ वे राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल, सौर ऊर्जा परियोजना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम शिक्षा, ऊर्जा और स्वास्थ्य—तीनों क्षेत्रों में सरकार की बहुआयामी विकास नीति को रेखांकित करता है।राजनीतिक रूप से देखा जाए तो कांग्रेस सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को एक राजनैतिक पूंजी के रूप में देख रही है — जहाँ आम जनता के जीवन स्तर में सुधार, आने वाले चुनावों में भरोसे की बुनियाद बनेगा। विपक्ष जहाँ सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल इस प्रकार के जन-हितैषी कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी कार्यकुशलता को जनता के समक्ष सशक्त रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
बैठक के दौरान मंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को मुख्यमंत्री के दौरे से संबंधित तैयारियों के निर्देश दिए और लोगों की समस्याओं को सुनकर त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। यह संवाद-प्रधान राजनीति का उदाहरण है, जहाँ जनता की भागीदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।इस अवसर पर ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश सरकार का जनसंपर्क और विकास का एजेंडा जनता के बीच विश्वास और स्थायित्व की नई लहर पैदा कर रहा है।कांग्रेस सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को राजनीतिक रूप से प्राथमिक एजेंडा बनाकर विकास का नया अध्याय शुरू किया है। डॉ. धनीराम शांडिल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग न केवल बुनियादी ढांचे को सशक्त कर रहा है, बल्कि जनता के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने की दिशा में भी निर्णायक कदम उठा रहा है — यही किसी लोकतांत्रिक सरकार की सफलता का मापदंड है।

