Reading: कोई व्यक्ति इन फाइलों पर क्लिक करता है या डाउनलोड करता है, तो ठग उसके मोबाइल फोन का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं।

कोई व्यक्ति इन फाइलों पर क्लिक करता है या डाउनलोड करता है, तो ठग उसके मोबाइल फोन का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं।

RamParkash Vats
5 Min Read
Contents
खतरे और प्रभाव .साइबर ठगों द्वारा भेजे गए एप या लिंक खोलने से निम्नलिखित खतरे होते हैं:गलती होने पर तुरंत करने योग्य कदम-अगर गलती से कोई संदिग्ध एप या लिंक खोल लिया है तो पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार तुरंत निम्नलिखित कदम उठाएं:बचाव के उपाय-साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना बेहद आवश्यक है। कुछ महत्वपूर्ण बचाव उपाय हैं:फोन हैक होने के संकेत1 -मोबाइल धीमा चलना या बार-बार हैंग होना। -2बैटरी जल्दी खत्म होना। -3मोबाइल डेटा की अचानक बढ़ी खपत। -4अपने आप संदेश भेजना या अज्ञात एप दिखना। -5बैंक खाते से अनधिकृत लेन-देन।पुलिस की चेतावनी:साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और पुलिस विभाग की यह चेतावनी हर त्यौहारी सीजन में विशेष रूप से प्रासंगिक होती है। दीपावली, दशहरा और अन्य पर्वों के समय लोग ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल लेन-देन बढ़ा देते हैं, जिससे ठगों के लिए फंसाने के मौके भी बढ़ जाते हैं। इसलिए डिजिटल सतर्कता और समय पर सुरक्षा कदम उठाना बेहद जरूरी है।इस प्रकार, त्यौहारी मौसम में साइबर ठगों से बचने के लिए सतर्क रहना, संदिग्ध लिंक/एपीके को अनदेखा करना और बैंक एवं व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर नागरिक की प्राथमिक जिम्मेदारी बनती है।

त्यौहारी सीजन के दौरान बाजारों में रौनक तो बढ़ती है, लेकिन साइबर ठग भी इस मौके का फायदा उठाकर लोगों को धोखाधड़ी के नए तरीके अपनाने लगे हैं। पुलिस और साइबर विशेषज्ञों की जानकारी के अनुसार ठग अब “बंपर ऑफर”, “धमाका ऑफर” और विभिन्न सरकारी/बैंक एप्लिकेशन के नाम पर खतरनाक एपीके (APK) फाइलें भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। जब कोई व्यक्ति इन फाइलों पर क्लिक करता है या डाउनलोड करता है, तो ठग उसके मोबाइल फोन का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं। इसके माध्यम से वे व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता विवरण, गैलरी, कॉन्टैक्ट और संवेदनशील फाइलों तक पहुंच प्राप्त कर लेते हैं।

साइबर ठगी के मामले में ठग विशेष रूप से WhatsApp, SMS और सोशल मीडिया के जरिए एपीके फाइल भेजते हैं। इनमें शामिल हैं: बंपर ऑफर.एपीके, पी.एम. किसान.एपीके, एस.बी.आई. योनो अपडेट.एपीके, आर.टी.ओ. एपीके, ग्राहक सेवा.एपीके, आर.टी.ओ. चालान.एपीके, वाहन चालान.एपीके, निमंत्रणपत्र.एपीके, एस.बी.आई. कार्ड.एपीके जैसी फाइलें। जो व्यक्ति लालच में आकर इन्हें डाउनलोड कर लेते हैं, उनका मोबाइल पूरी तरह ठगों के नियंत्रण में चला जाता है। इसके बाद ठग फोन में मौजूद डेटा चुरा लेते हैं और कई बार बैंक खाते से पैसे भी निकाल लेते हैं।

खतरे और प्रभाव .साइबर ठगों द्वारा भेजे गए एप या लिंक खोलने से निम्नलिखित खतरे होते हैं:

  1. पर्सनल डेटा चोरी: मोबाइल या कंप्यूटर में मौजूद फ़ोटो, संपर्क, ईमेल और संवेदनशील फाइलें चोरी हो सकती हैं।
  2. बैंकिंग क्रेडेंशियल्स का समझौता: नकली लॉगिन पेज से नेट बैंकिंग/UPI/क्रेडिट कार्ड डिटेल्स चुरा लिए जाते हैं। रीयल-टाइम में OTP भी कैप्चर किया जा सकता है।
  3. रिमोट कंट्रोल और मालवेयर इंस्टॉलेशन: ट्रोजन या रैंसमवेयर इंस्टॉल होकर डिवाइस लॉक या पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।
  4. SIM/OTP हैक: कुछ हमले SIM-swap या OTP-interception के जरिए बैंक ट्रांज़ैक्शन प्रमाणित करवा सकते हैं।
  5. पहचान की चोरी (Identity Theft): नाम, जन्मतिथि और अन्य जानकारी लेकर लोन या क्रेडिट कार्ड बनवाने का जोखिम रहता है।
  6. नेटवर्क पर फैलाव: संक्रमित डिवाइस से अन्य डिवाइस भी प्रभावित हो सकते हैं।
  7. आर्थिक और मानसिक नुकसान: तुरंत आर्थिक नुकसान के साथ लंबी कानूनी प्रक्रिया और मानसिक तनाव उत्पन्न होता है।

गलती होने पर तुरंत करने योग्य कदम-अगर गलती से कोई संदिग्ध एप या लिंक खोल लिया है तो पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार तुरंत निम्नलिखित कदम उठाएं:

  1. इंटरनेट बंद करें: Wi-Fi और मोबाइल डेटा दोनों बंद करें।
  2. एप अनइंस्टॉल करें: किसी अज्ञात एप को तुरंत हटाएं।
  3. बैंक/UPI/क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करें: बैंक को कॉल करके सभी खातों और कार्डों को ब्लॉक कराएं।
  4. पासवर्ड और 2FA बदलें: ईमेल, बैंक और सोशल मीडिया खाते के पासवर्ड बदलें और दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन करें।
  5. SIM सुरक्षा जाँचें: किसी भी अज्ञात OTP या संदेश पर ध्यान दें और जरूरत पड़े तो सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करें।
  6. एंटीवायरस/एंटी-मालवेयर स्कैन चलाएँ।
  7. लॉग और स्क्रीनशॉट संकलित करें।
  8. बैंक स्टेटमेंट मॉनिटर करें।
  9. साइबर शिकायत दर्ज कराएँ: नज़दीकी साइबर थाना या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर।

बचाव के उपाय-साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना बेहद आवश्यक है। कुछ महत्वपूर्ण बचाव उपाय हैं:

1 संदिग्ध लिंक या अज्ञात एप कभी न खोलेंकेवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही एप डाउनलोड करें। 2 एप परमिशन सावधानीपूर्वक दें। 3 दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन रखें। 4 OTP या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। 5 OS और सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें।6 नियमित बैकअप लें,“तुरंत करिए” या “वरना चालान/कानूनी कार्रवाई” जैसे संदेशों पर भरोसा न करें।

फोन हैक होने के संकेत1 -मोबाइल धीमा चलना या बार-बार हैंग होना। -2बैटरी जल्दी खत्म होना। -3मोबाइल डेटा की अचानक बढ़ी खपत। -4अपने आप संदेश भेजना या अज्ञात एप दिखना। -5बैंक खाते से अनधिकृत लेन-देन।

पुलिस की चेतावनी:साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और पुलिस विभाग की यह चेतावनी हर त्यौहारी सीजन में विशेष रूप से प्रासंगिक होती है। दीपावली, दशहरा और अन्य पर्वों के समय लोग ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल लेन-देन बढ़ा देते हैं, जिससे ठगों के लिए फंसाने के मौके भी बढ़ जाते हैं। इसलिए डिजिटल सतर्कता और समय पर सुरक्षा कदम उठाना बेहद जरूरी है।इस प्रकार, त्यौहारी मौसम में साइबर ठगों से बचने के लिए सतर्क रहना, संदिग्ध लिंक/एपीके को अनदेखा करना और बैंक एवं व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर नागरिक की प्राथमिक जिम्मेदारी बनती है।

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!