Reading: शिक्षकों का उबाल — “अन्याय के विरुद्ध उठी आवाज़, कांप्लेक्स प्रणाली रद्द करो!”

शिक्षकों का उबाल — “अन्याय के विरुद्ध उठी आवाज़, कांप्लेक्स प्रणाली रद्द करो!”

RamParkash Vats
2 Min Read

ज्वाली/05/0/10/2025. संपादक राम प्रकाश वत्स

रविवार को जवाली और नगरोटा सूरियां इकाइयों के शिक्षकों ने जब विश्रामगृह जवाली से मिनी सचिवालय तक रोष रैली निकाली, तो पूरा क्षेत्र “क्लस्टर सिस्टम नहीं चलेगा” के नारों से गूंज उठा। शांतिपूर्ण मगर तीखे तेवरों के साथ शिक्षकों ने साफ कहा — सरकार की यह नई कांप्लेक्स प्रणाली न तो शिक्षा सुधार है, न प्रशासनिक सुविधा, बल्कि शिक्षक समुदाय की वरिष्ठता, अधिकार और प्रमोशन पर सीधा हमला है।

इकाई अध्यक्ष राजेश कुमार और सुनील धीमान ने मिनी सचिवालय के सामने गरजते हुए कहा कि “यह प्रणाली शिक्षकों की मेहनत और गरिमा को निगल जाएगी।” उनका कहना था कि नई व्यवस्था के तहत एचटी, सीएचटी और बीईईओ के अधिकारों को जबरन सीमित किया जा रहा है, जिससे न केवल प्रशासनिक भ्रम बढ़ेगा, बल्कि वर्षों की सेवा देने वाले शिक्षकों की पदोन्नति भी अधर में लटक जाएगी।

शिक्षकों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजते हुए चेतावनी दी कि अगर यह प्रणाली वापस नहीं ली गई, तो पूरा शिक्षक वर्ग सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगा। यह आवाज़ अब किसी एक खंड या इकाई की नहीं रही — यह हिमाचल के हर शिक्षक की सामूहिक पुकार है, जो अन्याय के विरुद्ध खड़ी है।

यह रैली एक संकेत है कि जब सरकारें जनता की बात नहीं सुनतीं, तो चाक, डस्टर और ब्लैकबोर्ड थामने वाले शिक्षक भी सड़कों पर उतर आते हैं — अपने हक़, अपने सम्मान और शिक्षा की असली गरिमा की रक्षा के लिए।

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!