शिमला 29 सितम्बर 2025,चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत बनाने और नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए व्यापक योजना लागू की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात डॉक्टरों को अपनी सेवाएँ उसी संस्थान में देनी होंगी जहाँ उनकी नियुक्ति हुई है, और किसी भी तबादले के नोट पर विचार नहीं किया जाएगा।
हाल ही में लोक सेवा आयोग के माध्यम से 200 नए डॉक्टरों की भर्ती की गई है। हालांकि, कुछ डॉक्टरों ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की या राजनीतिक दबाव के माध्यम से नजदीकी संस्थानों में सेवाएँ देने की कोशिश की। सरकार ने इसे अस्वीकार कर स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने पर रिक्त पदों को भरकर स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत किया जाएगा।
प्रदेश में आदर्श अस्पतालों की स्थापना की जा रही है। पहले चरण में 44 संस्थानों और दूसरे चरण में 15 संस्थानों को विकसित किया जाएगा, जिससे कुल 59 संस्थानों को आदर्श अस्पताल का दर्जा प्राप्त होगा। इन अस्पतालों में मरीजों को उच्च स्तरीय जांच और उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, जैसे कि सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे और कुछ स्थानों पर एमआरआई।हर आदर्श अस्पताल में छह विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जा रही है। वर्तमान में लगभग 20 संस्थानों में सभी छह विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात हैं, जबकि कुछ में चार विशेषज्ञों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों की कमी वाले क्षेत्रों में तैनाती को प्राथमिकता दी जा रही है और हर डॉक्टर को अपनी नियुक्ति स्थल पर सेवाएँ देना अनिवार्य है।आदर्श अस्पतालों के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ग्रामीण और दूरदराज के नागरिक भी समय पर उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त कर सकें। अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ और सहायक कर्मियों के साथ अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।हिमाचल प्रदेश सरकार की यह नीति न केवल डॉक्टरों की तैनाती और अस्पतालों के आधुनिकीकरण पर केंद्रित है, बल्कि यह राज्य में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को दीर्घकालिक और भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।।

