शिमला, 30 अगस्त 2025 संपादक राम प्रकाश वत्स
शिमला: नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने 2023-24 की कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट ने सरकार की पोल खोल दी है और यह साबित कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश में वित्तीय प्रबंधन की भारी कमी है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र से आए 1024 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने उपयोग ही नहीं किए और जनता के हितों की अनदेखी की गई।
अनुपूरक बजट पर सवाल
जयराम ठाकुर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सबसे ज्यादा बजट पढ़ने का दावा करते हैं, लेकिन उसका असर कैग रिपोर्ट में साफ दिखता है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मुख्यमंत्री ने 14 मामलों के लिए 711 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया, जबकि उन मामलों के लिए जारी मूल बजट ही खर्च नहीं हुआ था। ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने 40 परियोजनाओं पर आवंटित धनराशि का एक रुपया तक खर्च नहीं किया, जिससे प्रदेश के विकास पर रोक लगी है।
उपयोगिता प्रमाणपत्रों की कमी
विपक्ष के नेता ने यह भी बताया कि 2,990 परियोजनाओं के लिए जारी किए गए 2,795 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाणपत्र तक सरकार ने जमा नहीं किया है। यह स्थिति प्रदेश की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि “व्यवस्था परिवर्तन” के नाम पर कांग्रेस सरकार ने “व्यवस्था पतन” की ओर प्रदेश को धकेल दिया है। साथ ही उन्होंने मणिमहेश में हुए हादसों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा और कहा कि सोशल मीडिया पर आ रहे प्रत्यक्षदर्शियों के आंकड़े सरकार के आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का कांग्रेस पर हमला
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने भी कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि यह पार्टी अब “गाली देने वाली पार्टी” बन चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की परंपरा बना ली है। बिंदल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग कांग्रेस के लिए तब तक ठीक है जब तक उसके अनुकूल परिणाम आते हैं, लेकिन जब विपक्षी दलों को सफलता मिलती है तो वही आयोग “निकम्मा” करार दे दिया जाता है।
“जनता माफ नहीं करेगी”
डॉ. बिंदल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी

