Reading: विधायक प्राथमिकता बैठक में बोले सीएम सुक्खू, 16वें वित्त आयोग से हिमाचल को 50 हजार करोड़ का घाटा

विधायक प्राथमिकता बैठक में बोले सीएम सुक्खू, 16वें वित्त आयोग से हिमाचल को 50 हजार करोड़ का घाटा

RamParkash Vats
3 Min Read

राजस्व घाटा अनुदान बंद करना पहाड़ी राज्यों के साथ अन्याय: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्

शिमला, 07 फरवरी 2026, राज्य चीफ़ व्यूरो विजय समयाल
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आयोजित विधायक प्राथमिकता बैठक के दूसरे दिन के पहले सत्र में कुल्लू, मंडी और शिमला जिला के विधायकों के साथ विकास प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में राजनीतिक और वित्तीय मुद्दों पर सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी (RDG) बंद होने से राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक सहमति बनाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी के विधायकों को भी बैठक में आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि आरडीजी के कारण उत्पन्न वित्तीय संकट को समझते हुए भाजपा विधायकों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनहित में राज्य सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने सरकार की वित्तीय उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने अपने तीन वर्षों के कार्यकाल में अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने बताया कि वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के स्वामित्व से राज्य को लगभग 401 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ हुआ है तथा इससे प्रतिवर्ष करीब 20 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के प्रयासों से कड़छम-वांगतू जल विद्युत परियोजना में राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है, जिससे हिमाचल प्रदेश को हर वर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के हित में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने 15वें वित्त आयोग का हवाला देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में कुल 37,199 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, जो घटते अनुपात में प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में 10,249 करोड़ रुपये, 2022-23 में 9,377 करोड़ रुपये, 2023-24 में 8,057 करोड़ रुपये, 2024-25 में 6,249 करोड़ रुपये तथा 2025-26 में 3,257 करोड़ रुपये का अनुदान राज्य को मिला।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने चिंता जताते हुए कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान को बंद किए जाने से हिमाचल प्रदेश को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने इसे पहाड़ी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य के साथ अन्याय करार देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी और प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!