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बाढ़ के तेज बहाव में तीन किसान लापता, ग्रामीणों में मचा हड़कंप

RamParkash Vats
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धान काटकर लौटते समय हुआ हादसा, ग्रामीण लगातार चला रहे खोजबीन अभियान

महमूदाबाद, सीतापुर।प्रदेश राज्य चीफ ब्यूरो अनुज कुमार जैन

महमूदाबाद, सीतापुर। तहसील महमूदाबाद क्षेत्र के ग्राम सरैया मसूदपुर में शुक्रवार को बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आने से तीन किसानों के लापता होने की घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए और लापता किसानों की तलाश में अभियान शुरू कर दिया। समाचार लिखे जाने तक तीनों का कोई सुराग नहीं मिल सका था।

ग्रामीणों के अनुसार सुरेंद्र चौहान पुत्र मोहन, उम्र करीब 40 वर्ष, अपने 13 वर्षीय पुत्र सौरभ, शोभित पुत्र जगदीश और सत्येंद्र पुत्र जगदीश के साथ सुबह खेत में धान काटने गए थे। उनके साथ एक रिश्तेदार के भी मौजूद होने की बात बताई गई है। दोपहर के समय सभी लोग धान काटकर वापस गांव लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के उत्तर दिशा में स्थित नाले के पास पुलिया पार करते समय अचानक पानी का तेज बहाव आ गया।

बताया जा रहा है कि तेज बहाव की चपेट में आने से सुरेंद्र चौहान, उनका 13 वर्षीय पुत्र सौरभ और शोभित पानी में बह गए। वहीं सत्येंद्र तथा उनके साथ मौजूद रिश्तेदार किसी तरह सुरक्षित निकलने में सफल रहे। घटना के बाद उन्होंने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों ने नाले, आसपास के खेतों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश शुरू की। देर तक खोजबीन के बावजूद सफलता नहीं मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ गई। लापता किसानों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण लगातार अपने स्तर पर तलाश में जुटे हुए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। खेतों में पानी भरने के बावजूद किसान अपनी फसल बचाने और धान की कटाई के लिए जोखिम उठाकर खेतों तक पहुंच रहे हैं। इसी दौरान यह हादसा सामने आया।

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से लापता किसानों की तलाश के लिए तत्काल प्रभावी बचाव अभियान चलाने की मांग की है। साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में तेज बहाव वाले नालों और पुलियों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग भी उठाई गई है, ताकि ग्रामीणों को जोखिम वाले रास्तों से गुजरने से रोका जा सके।

ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां सुरक्षा कर्मियों और बचाव दल की तैनाती करनी चाहिए। फिलहाल ग्रामीण लापता किसानों की सकुशल बरामदगी की उम्मीद में लगातार खोजबीन कर रहे हैं।

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