
नूरपुर से विनय महाजन नूरपुर अखिल भारतीय गद्दी जनजातीय विकास समिति के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व सदस्य गद्दी कल्याण बोर्ड व गद्दी नेता मदन भरमौरी ने एक बार फिर राजनैतिक एवं प्रशासनिक षड्यंत्रों का शिकार हुए जनजाति छात्रावास स्थित नूरपुर क्षेत्र से सम्बन्धित एक अभ्यावेदन के अन्तर सिंह आर्य राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग संवैधानिक के समक्ष प्रस्तुत कर आयोग से जनजाति आदिवासी वर्ग के हितों को सुरक्षित रखने हेतु न्याय की मांग की हैl यह जानकारी मदन भरमोरी ने एक प्रेस नोट में देते हुए बताया कि वर्ष 2010 में जनजाति छात्रावास का निर्माण पूर्ण हुआ था और 16 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस जनजाति छात्रावास भवन का उदघाटन आज तक नहीं हुआ और 16 वर्ष पूर्व ही यह जनजाति छात्रावास जनजाति क्षेत्रों से सम्बन्ध रखने बाले अनुसूचित जनजाति समुदाय के छात्रों के हितार्थ गवर्नमेंट आर्य महाविद्यालय नूरपुर के सुपुर्द कर दिया गया था l

वर्ष 2015 में पांच विभाग नशा निवारण केंद्र-पशुपालन विभाग-नापतोल विभाग और कोई 2 अन्य विभाग में बाँट दिया गया जो कि जनजाति वर्ग के साथ बहुत बड़ा अन्याय है l मदन भरमौरी ने बताया कि यह मामला उस समय जनजाति छात्रावास का मुद्दा पहली बार 2017 में आयोग के पास पहुंचा और वर्ष 2018 में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमति अनुसिया उइके के द्वारा जनजाति छात्रावास स्थित नूरपुर क्षेत्र का दौरा किया गया था और तत्कालीन समस्त प्रशानिक अधिकारियों की उपस्थिति में सख्त लहजे में डांट लगाते हुए शीघ्रातिशीघ्र पाँचों विभागों को छात्रावास को खाली करने का आदेश दिया गया परन्तु कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई थी l

इतना ही नहीं इसके अतिरिक्त गवर्नमेंट आर्य कॉलेज नूरपुर के प्राचार्य ने भी उस समय इस मामले मे उपमण्डलाधिकारी नागरिक नूरपुर कार्यालय में भी छात्रावास भवन खाली करने सम्बन्धित अनेकों बार पत्राचार किया परन्तु कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुईl उस समय गद्दी नेता मदन भरमौरी ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष लिखित में एक अपील दर्ज करवाई एवं सम्बन्धित विषयों पर भी चर्चा की गई जिसमें केंद्रीय जनजाति मंत्रालय भारत सरकार का जनजातीय बजट जो प्रदेश सरकार को दिया जाता है उसका भी दुरुपयोग किये जाने का आरोप लगायाl जनजाति भवन जसूर जाछ,जनजाति छात्रावास नूरपुर व जनजाति भवन चंबा व जनजातीय छात्रावास इंदौरा एवं कई अन्य विषयों पर भी वात की गई l
जिसमे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस विषय को ध्यान में रख कर कड़ा संज्ञान लेते हुए एक आश्वासन भी दिया था कि जनजाति आदिवासी वर्ग के लिए संतोष का विषय है इसी के साथ दिनांक 22/09/2026 को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के द्वारा प्रेषित एवं प्रधान सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हिप्र. कार्यालय में प्राप्त एक प्रपत्र जिसमे विभाग से सात दिनों में कार्यवाही तलब की गई हैl गद्दी नेता मदन भरमौरी ने जनजाति मंत्री जगत सिंह नेगी के द्वारा अनेकों बार नूरपुर क्षेत्र का दौरा किया जा चुका है l जनजाति गद्दी समुदाय आशा करता है कि संबंधित मंत्री इस मामले को संज्ञान में लें क्योंकि यह जनजाति मन्त्रालय भारत सरकार द्वारा स्वीकृत एवं अधिकृत है जनजाति छात्रावास पर कोई भी प्रशासनिक विभाग अपने अधिकार का दावा नहीं कर सकता भारत के संविधान के अनुसार इसका दुरुपयोग करने की इजाजत किसी को भी नहीं हैl

