आर्य समाज नूरपुर द्वारा रविवार को वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान आर्य समाज की ओर से संचालित निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के 12वें सत्र का समापन तथा 13वें सत्र का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नूरपुर अस्पताल की सेवानिवृत्त एमएस डॉ. नीरजा गुप्ता ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ हवन-यज्ञ के साथ हुआ।

इस अवसर पर डॉ. नीरजा गुप्ता ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में आर्य समाज नूरपुर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सिलाई प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को हुनर प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें अच्छे संस्कार भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं सिलाई का प्रशिक्षण हासिल कर अपने हुनर को रोजगार का माध्यम बनाते हुए आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
पूर्व विधायक अजय महाजन ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से आर्य समाज से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पिता के प्रयासों से आर्य कॉलेज के सरकारीकरण के दौरान तत्कालीन सरकार के समक्ष कॉलेज के नाम में ‘आर्य’ शब्द बनाए रखने की शर्त रखी गई थी। सरकार ने इस मांग को स्वीकार किया और कॉलेज का नाम राजकीय आर्य कॉलेज रखा गया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज नूरपुर द्वारा संचालित निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र और आयुर्वेदिक औषधालय समाजसेवा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का कार्य किया जा रहा है।
समारोह के दौरान 12वें सत्र का प्रशिक्षण पूरा करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। आर्य समाज नूरपुर द्वारा संचालित निशुल्क सिलाई केंद्र पिछले छह वर्षों से महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बनाने का कार्य कर रहा है। इस अवधि में करीब 140 महिलाएं यहां से सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं। कार्यक्रम में आत्म प्रज्ञा आश्रम बागनी के संचालक स्वामी वेद प्रकाश सरस्वती, आर्य समाज नूरपुर के अध्यक्ष सीपी महाजन, सचिव प्रवीण महाजन, कोषाध्यक्ष सुधन महाजन, आर्य समाज के प्रदेश महासचिव विपिन महाजन, पूर्व पार्षद भरत महाजन, सिलाई केंद्र की संचालिका रवीना महाजन, कुसुम धीमान, सुरक्षण सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

