आर्य समाज नूरपुर के निशुल्क सिलाई केंद्र के 13वें सत्र का हवन के साथ शुभारंभ
एक अक्टूबर से शुरू होगा नया सत्र, छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जारी है प्रयास

आर्य समाज नूरपुर द्वारा संचालित निशुल्क सिलाई केंद्र के 13वें सत्र का शुभारंभ हवन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. नीरजा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। केंद्र का नया सत्र 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। यह जानकारी आर्य समाज नूरपुर की ओर से जारी प्रेस नोट में दी गई।आर्य समाज नूरपुर के प्रधान सी.पी. महाजन ने बताया कि नए सत्र में प्रवेश लेने वाली छात्राओं के साथ यज्ञ का आयोजन किया गया। आर्य समाज से जुड़े परिवारों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए छात्राओं को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि निशुल्क सिलाई केंद्र का उद्देश्य महिलाओं एवं युवतियों को हुनर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अवसर उपलब्ध करवाना है।
कार्यक्रम में स्वामी वेद प्रकाश, संचालक आत्म प्रज्ञा आश्रम बाघनी, मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में आर्य समाज की विचारधारा, इतिहास और सामाजिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आर्य समाज के इतिहास और उसकी सामाजिक सेवा की परंपरा से समाज को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने लोगों से सामाजिक जागरूकता और सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक अजय महाजन ने भी शिरकत की। उन्होंने बच्चों और छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनका परिवार लंबे समय से आर्य समाज संस्था से जुड़ा रहा है और संस्था की सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में योगदान देता आया है। उन्होंने नूरपुर में शिक्षा के विकास में आर्य समाज की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पिता स्वर्गीय सत महाजन के प्रयासों से तत्कालीन सरकार के समक्ष आर्य समाज संस्था से जुड़े महाविद्यालय के सरकारीकरण को लेकर एक शर्त रखी गई थी कि महाविद्यालय के नाम में ‘आर्य’ शब्द को बरकरार रखा जाए। तत्कालीन सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और महाविद्यालय का सरकारीकरण हुआ।
अजय महाजन ने कहा कि स्वर्गीय सत महाजन द्वारा लगाया गया शिक्षा का पौधा आज नूरपुर में एक बड़े वृक्ष के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने नूरपुर को ऐतिहासिक शहर बताते हुए कहा कि यहां की सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं ने क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि नूरपुर का यह महाविद्यालय हिमाचल प्रदेश में उन संस्थानों में शामिल है, जिसके नाम के साथ ‘आर्य’ शब्द जुड़ा हुआ है।
पूर्व विधायक ने निशुल्क सिलाई केंद्र की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि आर्य समाज नूरपुर द्वारा संचालित यह केंद्र समाज सेवा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सिलाई प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं और युवतियों को हुनर देकर उन्हें आत्मरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने आर्य समाज के कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि उनके निरंतर प्रयासों से संस्था की गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं।उन्होंने कहा कि आर्य समाज नूरपुर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य सामाजिक कार्यों में भी निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संस्था की परंपरा से जुड़े अनेक परिवार और कार्यकर्ता इन गतिविधियों में सहयोग कर रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान आर्य समाज से जुड़े कई परिवार उपस्थित रहे। छोटे-छोटे बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का समापन सामाजिक सेवा एवं शिक्षा के क्षेत्र में आर्य समाज की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।

