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सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम के लिए जनजागरूकता सबसे जरूरी: डाॅ. राजीव भारद्वाज

RamParkash Vats
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नूरपुर देश के कांगड़ा चंबा लोकसभा सांसद डाॅ. राजीव भारद्वाज ने जिला कांगड़ा में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने तथा जनजागरूकता को प्रभावी बनाने पर आज विशेष बल दिया है। जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने आज कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रशासन, पुलिस, संबंधित विभागों के साथ-साथ आम जनता की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।डाॅ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि देश में प्रतिवर्ष करीब डेढ़ लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं और इनमें 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की चुनौती और भी गंभीर है।

उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में वर्ष 2025 के दौरान 111 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु, जबकि 101 लोग गंभीर और 380 लोग मामूली रूप से घायल हुए। वर्ष 2026 में अब तक 87 लोगों की मृत्यु, 78 गंभीर तथा 359 मामूली चोटों के मामले सामने आए हैं।सांसद ने कहा कि बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार करीब 93 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं में मानवीय भूल प्रमुख कारण सामने आती है। ऐसे में केवल चालान और दंड से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना सबसे महत्वपूर्ण है।उन्होंने परिवहन विभाग, एचआरटीसी तथा निजी बस आपरेटरों से अपने चालकों और परिचालकों के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया।

न्होंने कहा कि बसों को सड़क के बीच में खड़ा कर सवारियां उतारने से यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। डाॅ. भारद्वाज ने कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियानों में पंचायत प्रधानों, नगर निगम पार्षदों, विधायकों, जिला परिषद सदस्यों तथा सांसदों सहित जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा का संदेश प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचा सकते हैं।उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में 11 स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) स्थापित किए गए हैं। उन्होंने अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी आईटीएमएस विकसित करने पर जोर दियाए ताकि यातायात नियमों की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित जंक्शनों को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो वहां साइन बोर्ड, ब्लिंकर लाइट्स तथा अन्य सुरक्षा उपाय किए जाएं और जहां संभव हो वहां स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।सांसद ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर आईटीआई शाहपुर के समीप विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए फुट ओवरब्रिज की संभावना तलाशने के निर्देश राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों के आसपास पैदल आने-जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।उन्होंने आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पशु मालिकों को जागरूक करने तथा सड़कों पर पशुओं को खुला न छोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने को भी कहा।
डाॅ. भारद्वाज ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आॅवर यानी दुर्घटना के तुरंत बाद शुरुआती एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाना उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण हो सकता है। उन्होंने लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए प्रेरित करने वाली गुड स्मार्टियंस (राह वीर योजना) के तहत दुर्घटना पीड़ित को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र तथा 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
**उन्होंने पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1 लाख 50 हजार रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा के बारे में भी व्यापक जागरूकता फैलाने को कहा। जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 112 का उपयोग किया जा सकता है।
सांसद ने स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) को लेकर भी निर्देश दिए कि इन केंद्रों का उद्देश्य जनता को सुविधा प्रदान करना है, इसलिए एटीएस नियमानुसार ही वाहनों की पासिंग का कार्य करें जिससे किसी भी वाहन पास करवाने वाले को कोई शिकायत न हो। उन्होंने कहा कि वाहन फिटनेस जांच के लिए लोगों को अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े…

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