Reading: *पर्यावरण प्रेमी मिलखी राम ने कहा कि पौंग वेटलैंड (आर्द्रभूमि) अंतरराष्ट्रीय महत्व का क्षेत्र है**

*पर्यावरण प्रेमी मिलखी राम ने कहा कि पौंग वेटलैंड (आर्द्रभूमि) अंतरराष्ट्रीय महत्व का क्षेत्र है**

RamParkash Vats
3 Min Read

***संवेदनशील क्षेत्र में ट्रैक्टरों के माध्यम से भूमि पर अवैध रूप से खेती करना चिंता विषय **

संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन

कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत घाड़ जरोट पौंग बांध क्षेत्र में भू-माफिया द्वारा नियमों और अदालत के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाऐ जाने की चर्चाए क्षेत्र में आजकल चर्चित है l कुछ दिनों से इस संवेदनशील क्षेत्र में ट्रैक्टरों के माध्यम से भूमि पर अवैध रूप से हल चलाया जा रहा है जबकि माननीय न्यायालय द्वारा इस भूमि पर खेती करने और बीजने पर स्पष्ट प्रतिबंध लगाया गया है। क्षेत्र में चर्चा का विषय यह है कि इसके बावजूद, भू-माफिया पिछले कई वर्षों से लगातार इस पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील भूमि का दोहन करने में लगा हुआ है।

स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि कुछ लोग इस मामले मे राजनीतिक की आड़ मे इसका फायदा उठाकर लगातार अदालत के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं l व्यवस्था परिवर्तन सरकार का सरकारी तंत्र इस विषय मे खामोश है आखिर क्यों? स्थानीय क्षेत्र वासियों ने खुद ही इस अवैध गतिविधि के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। क्षेत्रवासियों ने इस मामले मे चेतावनी दी है कि भविष्य मे यदि अब इस क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति खेती करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ संबंधित विभाग को मौके पर ले जाकर कार्यवाही की जायेगीl

*इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए पर्यावरण प्रेमी मिलखी राम ने कहा कि पौंग वेटलैंड (आर्द्रभूमि) अंतरराष्ट्रीय महत्व का क्षेत्र है जहाँ सर्दियों के मौसम में विदेशों से हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी मेहमान के रूप में आते हैं। इस क्षेत्र का पारिस्थितिक तंत्र (इकोसिस्टम) इन पक्षियों और यहां की जैव विविधता के लिए बेहद अहम है, जिस पर अवैध खेती और मानवीय हस्तक्षेप के कारण गंभीर खतरा मंडरा रहा है। अदालत के स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद भू-माफिया का अपनी हरकतों से बाज न आना प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के इकबाल पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

स्थानीय पर्यावरणविदों और जागरूक नागरिकों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि पौंग बांध क्षेत्र के पर्यावरण और वन्यजीवों को बचाया जा सके।**

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!