संसदीय क्षेत्र कांगड़ा-चंबा | चीफ ब्यूरो — विनय महाजन | दिनांक: 269अगस्त 2026
नूरपुर प्रदेश के जिला कांगड़ा के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के सिद्धपुरघाड़ में 77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के दौरान कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने दिखावे की गौसेवा पर सवाल उठाए।मंत्री ने कहा कि जब वह गौशालाओं में जाते हैं तो वहां गायों की हालत देखकर दुख होता है। कई गायें बीमारी और भूख की वजह से परेशान नजर आती हैं। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण के लिए सिर्फ बातें नहीं, बल्कि दिल से और धरातल पर आगे आना होगा।मंत्री ने कहा कि जो लोग खुद को गौसेवक बताते हैं, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने अपने घर में कितनी गायें पाल रखी हैं।उन्होंने कहा कि एक गाय पालने की जिम्मेदारी नहीं उठाई जाती, लेकिन गौसेवा का दावा किया जाता है। उन्होंने लोगों से वास्तविक रूप से गौ संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।बहुत से लोग गौसेवक बनते हैं और गौसेवा की बातें करते हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उन्होंने अपने घर में कितनी गायें पाल रखी हैं? एक गाय घर में पालने की जिम्मेदारी नहीं लेते, लेकिन गौसेवक बनने का दावा करते हैं। केवल दिखावे से गौ संरक्षण नहीं होगा, इसके लिए धरातल पर उतरकर जिम्मेदारी निभानी होगी। मंत्री ने कहा कि गौसेवा केवल नाम या दिखावे की बात नहीं होनी चाहिए। गायों की वास्तविक स्थिति को समझते हुए उनकी देखभाल, उपचार और भोजन की व्यवस्था के लिए समाज को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि गायों को बचाने के लिए सरकार के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।

