बडूखर-रियाली क्षेत्र में सीआईए टीम की बड़ी कार्रवाई, पंजाब की ओर जा रहे सात वाहन और एक ट्रक पकड़े गए; जंगलों की लूट पर उठे कई बड़े सवाल
फतेहपुर, 19 जून 2026 , राज्य चीफ ब्यूरो विजय समयाल
फिल्म पुष्पा में दिखाए गए पुष्पा राज के किरदार की तर्ज पर जंगलों की संपदा को उजाड़ने का खेल क्या फतेहपुर क्षेत्र में भी चल रहा था? बडूखर-रियाली क्षेत्र में सीआईए नूरपुर की टीम द्वारा लकड़ी से लदे सात एनसी बोलेरो और एक ट्रक को कब्जे में लेने के बाद क्षेत्र में ऐसी चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि ये वाहन पंजाब की ओर जा रहे थे। कार्रवाई के बाद लंबे समय से चल रहे कथित अवैध कटान और लकड़ी तस्करी के नेटवर्क पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से जंगलों में अवैध कटान और लकड़ी की तस्करी का सिलसिला जारी था। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इस संबंध में चिंता जताई गई, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से जंगलों की हरियाली पर लगातार कुल्हाड़ी चलती रही।
सीआईए की कार्रवाई के बाद वन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल
सीआईए टीम की कार्रवाई के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि यदि लंबे समय से जंगलों में अवैध कटान और लकड़ी की आवाजाही जारी थी, तो वन विभाग की निगरानी व्यवस्था आखिर कहां थी? स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो जंगलों की इस तरह लूट नहीं होती। अब लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस खेल की भनक जिम्मेदार विभागों को क्यों नहीं लगी।

एसपी कुलभूषण वर्मा ने कही यह बात
पुलिस जिला नूरपुर के एसपी कुलभूषण वर्मा ने बताया कि शुक्रवार सुबह सीआईए नूरपुर की टीम ने नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान सात एनसी बोलेरो और एक ट्रक पंजाब की ओर जाते हुए पाए गए। जब वाहन चालकों से लकड़ी संबंधी दस्तावेज मांगे गए तो वे वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।उन्होंने बताया कि कुछ वाहन वन परिक्षेत्र जवाली के पट्टा जाटियां, फतेहपुर रिंग और टकबाल क्षेत्र से तथा कुछ वाहन रैहन के सकरी क्षेत्र से संबंधित हैं। वाहन चालकों और मालिकों के विरुद्ध थाना फतेहपुर में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।एसपी ने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह कथित गोरखधंधा कब से चल रहा था तथा इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

जनता पूछ रही है बड़ा सवाल
आखिर किसके संरक्षण में जंगलों की हरियाली पर कुल्हाड़ी चल रही थी और इतने समय तक जिम्मेदार विभाग मौन क्यों रहा?”पुष्पा राज फिल्म में था, लेकिन फतेहपुर के जंगलों की हकीकत ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगलों की दौलत पर डाका डालने वालों पर अब कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है।”

