
धर्मशाला,01 ,08 2026 News India Aaj Tak ,Ram Parkash Vats
जिला कांगड़ा में नशे के बढ़ते खतरे पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से शुक्रवार को उपायुक्त कांगड़ा हेम राज बैरवा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनसीओआरडी (Narco Coordination Centre) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का समन्वय जिला पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने किया, जो जिला NCORD के संयोजक भी हैं।
बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के प्रतिनिधियों तथा एसडीएम, एसडीपीओ और बीएमओ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। इस दौरान जिले में नशे की वर्तमान स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई और रोकथाम, प्रवर्तन, उपचार तथा पुनर्वास को लेकर विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन नशे और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर कार्य कर रहा है। शिक्षा विभाग को स्कूलों और कॉलेजों में नियमित जागरूकता अभियान, संगोष्ठियां, संवाद कार्यक्रम और अभिभावक सहभागिता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को नशे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, संक्रमण की रोकथाम, उपचार, परामर्श और पुनर्वास सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं पुलिस विभाग को नशा तस्करों और संगठित गिरोहों के विरुद्ध अभियान तेज करते हुए सभी आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में आम नागरिकों से भी अपील की गई कि वे नशा तस्करी या नशीले पदार्थों से जुड़ी किसी भी विश्वसनीय जानकारी को प्रशासन और पुलिस के साथ साझा करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक सूचना को पूर्ण गोपनीयता के साथ लेकर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि नशे के विरुद्ध अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा, जिसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन ने जनजागरूकता, सामुदायिक सहयोग और सख्त कानून प्रवर्तन के माध्यम से नशा मुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित कांगड़ा के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

