महमूदाबाद/रामपुर मथुरा (सीतापुर)राज्य चीफ ब्यूरो अनुज कुमार जैन
सम्राट अशोक द्वार के निर्माण और उसके उद्घाटन को लेकर उपजे विवाद के बीच भीम आर्मी के संस्थापक, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद गुरुवार को रामपुर मथुरा क्षेत्र के मझिगवां गांव पहुंचे। उन्होंने अंबिका प्रसाद मौर्य के आवास पर पहुंचकर उनका हालचाल जाना और बाद में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार एवं प्रशासन की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला।सभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि देश के महान सम्राट अशोक के सम्मान में बनाए गए स्वागत द्वार के उद्घाटन पर रोक लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में महापुरुषों के नाम पर स्वागत द्वार और स्मारक बने हैं, लेकिन वहां इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में केवल मझिगवां में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने द्वार का उद्घाटन सिर्फ इसलिए रुकवाया क्योंकि इसका उद्घाटन उनके हाथों प्रस्तावित था। आजाद ने कहा कि स्वागत द्वार का निर्माण करीब ढाई वर्षों से चल रहा था और इस दौरान संबंधित विभागों तथा प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी पूरी जानकारी थी। यदि निर्माण में कोई अनियमितता या कानूनी आपत्ति थी तो उसी समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उद्घाटन से ठीक पहले निर्माण को अवैध बताकर रोकना प्रशासन की कार्यशैली और मंशा पर सवाल खड़ा करता है।अंबिका प्रसाद मौर्य के खिलाफ दर्ज मुकदमे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “अगर अंबिका प्रसाद जेल जाएंगे तो हम भी जेल जाएंगे। हम अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। संविधान, सामाजिक न्याय और सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा।”
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चंद्रशेखर आजाद ने कार्यकर्ताओं से संगठित रहने और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के सम्मान से जुड़ा कोई भी मुद्दा किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज के स्वाभिमान और सम्मान का विषय है।सभा के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा, महापुरुषों के सम्मान और संगठन को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद चंद्रशेखर आजाद महमूदाबाद स्थित बाल्मीकि मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन-पूजन किया। इसके बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए।हालांकि, सम्राट अशोक द्वार को लेकर प्रशासन का पक्ष है कि निर्माण से संबंधित आवश्यक अनुमतियों और भूमि संबंधी नियमों का पालन न होने के कारण कार्रवाई की गई है। मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच और विधिक प्रक्रिया जारी है।

