Kangra राज्य चीफ ब्यूरो विजय समयाल
कान्ता कॉलेज ऑफ एजुकेशन, चलवाड़ा में वीरता, साहस, स्वाभिमान एवं राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती बड़े उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बी.एड. के प्रशिक्षुओं एवं स्टाफ सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। विद्यार्थियों ने उनके जीवन, संघर्षों एवं मातृभूमि के प्रति उनके अद्वितीय समर्पण को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए गए, जिनमें महाराणा प्रताप के जीवन, उनकी वीरता, स्वाभिमान तथा राष्ट्रभक्ति पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी साहस, आत्मसम्मान एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत एकांकी रही। इस नाट्य प्रस्तुति में महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण जीवन, हल्दीघाटी के युद्ध तथा मातृभूमि की रक्षा के लिए उनके त्याग और बलिदान का प्रभावशाली मंचन किया गया। विद्यार्थियों के जीवंत अभिनय ने सभी को भावविभोर कर दिया तथा उपस्थित सभी लोगों ने उनकी प्रस्तुति की सराहना की।
इस अवसर पर सांस्कृतिक समिति के समन्वयक श्री सुनील कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने तथा अपने जीवन में सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और देशप्रेम के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या श्रीमती शिवानी मेहरा ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, त्याग और अदम्य साहस का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में आत्मसम्मान, दृढ़ संकल्प एवं राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने का संदेश दिया। प्राचार्या महोदया ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भाषणों एवं एकांकी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उन्हें अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कृति से भी जोड़ते हैं।
महाविद्यालय के चेयरमैन ठाकुर शुभकरण सिंह ने अपने संदेश में कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा देश एवं समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं बी.एड. के प्रशिक्षु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के संकल्प के साथ किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक एवं उत्साहवर्धक सिद्ध हुआ।

