सूचना मिलते ही पुलिस, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड तथा मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया।

सिरमौर(राजगढ़/संगड़ाह)15:06:2026, जिला चीफ़ ब्यूरो कपिल शर्मा
सिरमौर जिले के राजगढ़ और संगड़ाह क्षेत्र में सोमवार को अचानक सायरन बजने और राहत-बचाव दलों की तेज गतिविधियों से लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालात ऐसे नजर आ रहे थे मानो कोई बड़ा भूकंप या प्राकृतिक आपदा आ गई हो। हालांकि बाद में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह किसी वास्तविक आपदा की स्थिति नहीं, बल्कि राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल का हिस्सा था।
प्रशासन द्वारा आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य बादल फटना, भूकंप और जंगलों में आग जैसी संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखना था। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और राहत-बचाव कार्यों की तत्परता का परीक्षण किया गया।उधर, संगड़ाह उपमंडल मुख्यालय में पुरानी तहसील कार्यालय की जर्जर इमारत के ढहने का काल्पनिक दृश्य तैयार किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान कई लोगों को “घायल” दर्शाते हुए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड तथा मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया।मौके पर पहुंचे एसडीएम ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

