महमूदावाद सीतापुर /राज्य चीफ ब्यूरो अनुज कुमार जैन
महमूदाबाद (सीतापुर)। क्षेत्राधिकारी (सीओ) महमूदाबाद वेद प्रकाश श्रीवास्तव को उनके उत्कृष्ट विवेचनात्मक कौशल, वैज्ञानिक जांच और सराहनीय पुलिस सेवा के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा प्रतिष्ठित ‘उत्कृष्ट विवेचक’ पदक से सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक सीतापुर अंकुर अग्रवाल ने 28 जुलाई 2026 को उन्हें यह पदक पहनाकर सम्मानित किया और उनके कार्यों की सराहना की।
यह सम्मान उन्हें वर्ष 2023 में अयोध्या की चर्चित सरयू एक्सप्रेस ट्रेन (14234) में महिला मुख्य आरक्षी सुमित्रा पटेल पर हुए जानलेवा हमले, यौन उत्पीड़न के प्रयास और लूट की सनसनीखेज घटना का वैज्ञानिक एवं सटीक तरीके से पर्दाफाश करने के लिए प्रदान किया गया है। घटना के समय वेद प्रकाश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश एसटीएफ में निरीक्षक के पद पर तैनात थे और वर्तमान में महमूदाबाद के क्षेत्राधिकारी हैं।
30 अगस्त 2023 को सावन मेला ड्यूटी के लिए यात्रा कर रही महिला मुख्य आरक्षी पर ट्रेन में अकेला पाकर अभियुक्तों ने बर्बर हमला किया था। गंभीर रूप से घायल पीड़िता को मृत समझकर आरोपी उसका सामान और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 सितंबर 2023 को विवेचना एसटीएफ उत्तर प्रदेश को सौंपी गई, जिसकी जिम्मेदारी तत्कालीन निरीक्षक वेद प्रकाश श्रीवास्तव को दी गई।
विवेचना के दौरान उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, डंप डेटा, सीडीआर और आईपीडीआर का वैज्ञानिक विश्लेषण कर संदिग्धों की पहचान की। पीड़िता द्वारा मुख्य अभियुक्त अनीस की पहचान किए जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। मुख्य अभियुक्त अनीस मुठभेड़ में घायल हुआ और बाद में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई, जबकि अन्य अभियुक्तों आजाद खान और विशंभर दयाल दुबे के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया, जहां मुकदमा विचाराधीन है।
एसटीएफ द्वारा घटना में प्रयुक्त औजार भी बरामद किया गया, जिसकी डीएनए जांच में उस पर मिला रक्त पीड़िता के रक्त से मेल खाया। यह मुकदमे का महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य साबित हुआ।
जटिल, संवेदनशील और अंधे केस का कम समय में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सफल अनावरण करने तथा मजबूत विवेचना प्रस्तुत करने के लिए गृह मंत्रालय ने वेद प्रकाश श्रीवास्तव को ‘उत्कृष्ट विवेचक’ पदक से सम्मानित किया। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने उन्हें पदक पहनाकर बधाई दी और इसे सीतापुर पुलिस के लिए गौरव का विषय बताया।

