News India Aaj Tak/ Office Reporter
हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार और युवाओं को इसकी गिरफ्त से बचाने के लिए पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत चलवाड़ा-II में नशा निवारण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जहां पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को नशे के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बादी की ओर धकेल देता है। ग्रामीणों, युवाओं और पंचायत प्रतिनिधियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और बताया गया कि किस तरह नशे का जाल युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है।
इस दौरान पुलिस ने सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘ड्रग फ्री हिमाचल’ मोबाइल ऐप की भी जानकारी साझा की। लोगों को बताया गया कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशा तस्करी या अवैध गतिविधियों में शामिल है, तो वे इस ऐप के माध्यम से गुप्त रूप से पुलिस तक सूचना पहुंचा सकते हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।
बैठक में मौजूद स्थानीय लोगों और युवाओं ने नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस का सहयोग करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने गांव को नशामुक्त बनाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने का भरोसा भी दिया।
नूरपुर पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नशे के खात्मे के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। पुलिस का कहना है कि यदि जनता और प्रशासन मिलकर काम करें, तो नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
“नशा एक अभिशाप है, आइए मिलकर हिमाचल को नशामुक्त बनाएं” — इसी संदेश के साथ बैठक का समापन किया गया।

