Shimla/17 April 2026/SCB Vijay Samyal
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर आरक्षण रोस्टर जारी होने की प्रक्रिया तेज हो गई है। ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों के साथ-साथ अब जिला परिषद (Zila Parishad) चेयरमैन पदों का आरक्षण भी स्पष्ट हो चुका है, जिससे चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।
महिलाओं को मिला बड़ा प्रतिनिधित्व
राज्य सरकार द्वारा जारी संशोधित नियमों के अनुसार पंचायत राज संस्थाओं में कुल पदों का 50 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया है।यानी जिला परिषद चेयरमैन (अध्यक्ष) के पदों में भी आधे पद महिलाओं के लिए तय किए गए हैं, जिससे महिला नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा।
जिलों में अलग-अलग स्थिति
विभिन्न जिलों में जारी रोस्टर के अनुसार:
कई जिलों में लगभग आधे या उससे अधिक वार्ड/पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।उदाहरण के तौर पर कांगड़ा में 54 जिला परिषद वार्डों में से 27 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जो कुल का 50% है।शिमला में 25 में से 13 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।इसी आधार पर चेयरमैन पदों का भी आरक्षण तय किया गया है।
आरक्षण का आधार
आरक्षण 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर आधारित है।इसमें SC, ST और OBC वर्ग को भी उनकी जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व दिया गया है।महिलाओं को सभी वर्गों में मिलाकर 50% हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई है।
चुनाव से पहले तस्वीर साफ
आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि किन जिलों में चेयरमैन पद महिला, SC, ST या सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा। इससे संभावित उम्मीदवारों की रणनीति भी तय होने लगी है।कुल मिलाकर, इस बार हिमाचल पंचायत चुनाव में महिलाओं की भूमिका पहले से ज्यादा मजबूत रहने वाली है, क्योंकि जिला परिषद स्तर तक आधे पद उनके लिए सुरक्षित किए गए हैं।

