सिरमौर/08/04/2026, न्यूज इंडिया आजतक रिपोर्टर की रिपोर्ट
सिरमौर जिला भाजपा प्रवक्ता मेलाराम शर्मा ने हिमाचल प्रदेश, विशेषकर सिरमौर जिले में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से सेब बागवानों और मटर उत्पादक किसानों को हुए भारी नुकसान को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के कई क्षेत्रों—खासकर सिरमौर, शिमला और आसपास के बागवानी व कृषि क्षेत्रों—में हुई तेज ओलावृष्टि ने फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। सेब की फसल फ्लावरिंग स्टेज में होने के कारण ओलों की मार से फूल झड़ गए हैं, जिससे पूरे सीजन की पैदावार पर संकट मंडरा गया है। वहीं मटर की फसल कटाई और बाजार में बिक्री के लिए तैयार थी, जिस पर भी ओलावृष्टि का सीधा प्रभाव पड़ा है। इससे किसानों और बागवानों को करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है, लेकिन सरकार अब तक स्थिति का गंभीरता से संज्ञान नहीं ले रही है।

मेलाराम शर्मा ने कहा कि सेब और अन्य नगदी फसलें हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हजारों परिवार अपनी आजीविका के लिए इन पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में जब प्राकृतिक आपदा से किसानों और बागवानों की मेहनत एक झटके में नष्ट हो गई है, तब सरकार का मौन रहना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार को तुरंत राहत और पुनर्वास के कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन अभी तक न तो कोई ठोस राहत पैकेज घोषित किया गया है और न ही प्रभावित क्षेत्रों का समुचित सर्वेक्षण शुरू किया गया है। इससे किसानों में भारी निराशा और आक्रोश है।
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उन्होंने कहा, “जब किसान और बागवान संकट में हैं, तब सरकार मौन है—यह संवेदनहीनता नहीं तो और क्या है?” शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार केवल घोषणाओं और औपचारिक बैठकों तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों को कोई राहत नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि से बागवानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है और अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई किसानों ने उधार लेकर खाद, दवाइयां और अन्य कृषि सामग्री खरीदी थी, जिसकी भरपाई करना अब उनके लिए मुश्किल हो गया है।भाजपा प्रवक्ता ने मांग की कि राज्य सरकार तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाए, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि राजस्व, बागवानी और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें और जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार करें। इसके आधार पर प्रभावित किसानों और बागवानों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि फसल बीमा योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

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मेलाराम शर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार को आपदा राहत कोष से विशेष पैकेज जारी करना चाहिए, ताकि बागवानों को राहत मिल सके और वे अगले सीजन की तैयारी कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र नुकसान का जायजा लेकर राहत और मुआवजे की घोषणा नहीं की, तो भाजपा इस मुद्दे को सड़कों पर उठाएगी।
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों और बागवानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने सरकार से अपील की कि राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर किसानों के हित में त्वरित निर्णय लिए जाएं, ताकि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को राहत मिल सके और प्रदेश की बागवानी व कृषि व्यवस्था को संभाला जा सके।

