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राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल प्रदेश ने नगर पंचायतों व नगर परिषदों की मतदाता सूची अद्यतन प्रक्रिया शुरू की, सात अप्रैल प्रारूप प्रकाशन, दावे-आपत्तियां, अपीलें और 27 अप्रैल अंतिम सूची जारी

RamParkash Vats
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हिमाचल प्रदेश में शहरी निकायों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल प्रदेश द्वारा जारी अधिसूचना ने नगर पंचायतों और नगर परिषदों की मतदाता सूचियों को अद्यतन करने की प्रक्रिया को गति दे दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है, ताकि स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र मजबूत हो सके। इस प्रक्रिया के लिए पहली अप्रैल को पात्रता तिथि निर्धारित की गई है, जिसके आधार पर नए मतदाताओं का पंजीकरण किया जाएगा। 📜

पहला चरण: पुनर्गठन वाले निकायों पर विशेष ध्यान

आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार केवल उन्हीं शहरी निकायों में मतदाता सूची अपडेट की जाएगी, जिनका हाल ही में गठन या पुनर्गठन हुआ है। इनमें नगर पंचायत झंडूता, स्वारघाट, संगड़ाह, बंगाणा, नारकंडा तथा नगर परिषद नादौन और रोहड़ू शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इन क्षेत्रों में वार्डों का अंतिम परिसीमन आदेश संबंधित उपायुक्तों द्वारा पहले ही जारी किया जा चुका है। परिसीमन के बाद अब मतदाता सूची को नए वार्ड ढांचे के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इससे मतदाताओं को सही वार्ड में मतदान का अवसर मिलेगा और चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

दूसरा चरण: प्रारूप सूची का प्रकाशन

कार्यक्रम के अगले चरण में सात अप्रैल को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। यह सूची सार्वजनिक होने के बाद नागरिकों को अपने नाम की जांच करने का अवसर मिलेगा। आयोग ने बताया कि 16 अप्रैल तक दावे और आपत्तियां दर्ज करवाई जा सकेंगी। इस अवधि में कोई भी पात्र व्यक्ति अपना नाम जोड़ने, संशोधन कराने या गलत प्रविष्टि हटाने के लिए आवेदन कर सकता है। यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक सहभागिता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है, क्योंकि इससे मतदाता सूची अधिक सटीक बनती है। 🗳️

तीसरा चरण: दावे-आपत्तियों का निपटारा

सूत्रों के अनुसार 18 अप्रैल तक सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति को निर्णय से संतोष नहीं होता है तो उसके लिए अपील का प्रावधान भी रखा गया है। आयोग ने बताया कि 25 अप्रैल तक अपीलें दायर की जा सकेंगी और 27 अप्रैल तक उनका निपटारा किया जाएगा। इस तरह पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अंतिम मतदाता सूची समय पर जारी हो सके।

चौथा चरण: अंतिम सूची और प्रशासनिक निर्देश

आयोग ने निर्देश दिए हैं कि अंतिम मतदाता सूची 27 अप्रैल तक प्रकाशित कर दी जाएगी। साथ ही दावे और आपत्तियां केवल संबंधित व्यक्ति, पंजीकृत डाक या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से ही प्रस्तुत की जा सकेंगी। प्रत्येक वार्ड के लिए मतदाता सूची की 20 प्रतियां स्थानीय स्तर पर मुद्रित की जाएंगी और एक प्रमाणित प्रति रिकॉर्ड के लिए सुरक्षित रखी जाएगी। अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद इसकी सूचना ईमेल के माध्यम से आयोग को भेजना अनिवार्य किया गया है, जबकि बाद में डाक द्वारा पुष्टि की जाएगी।

इस पूरे कार्यक्रम को राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची के आदेशों के तहत लागू किया जा रहा है। सूत्रों का मानना है कि यह कदम जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करेगा और शहरी निकायों में निष्पक्ष चुनाव की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर अपने नाम की जांच कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

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