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ज्वाली में विद्युत पेंशनरों का रोष उफान पर, बड़े आंदोलन की चेतावनी

RamParkash Vats
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ज्वाली, 02 मार्च 2026/ मुख्यालय न्यूज़ इंडिया आजतक भरमाड़(जवाली) संपादक राम प्रकाश बत्स

विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम की ज्वाली इकाई की मासिक बैठक सोमवार को कल्पना पैलेस, मेरा ज्वाली में इकाई प्रधान श्री राम लोभैया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर वित्तीय लाभों के लंबित रहने पर गहरा रोष व्यक्त किया गया तथा केंद्रीय नेतृत्व से हिमाचल सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान करने की मांग की गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मार्च 2024 के बाद से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दो वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त संशोधित वेतनमान की बकाया राशि, 50 हजार रुपये एरियर की पहली किस्त तथा 20 प्रतिशत ग्रेच्युटी का भुगतान भी लंबित है। 01 जनवरी 2016 से मार्च 2022 के दौरान सेवानिवृत्त पेंशनरों को संशोधित लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी मिलेगी या नहीं, इस पर भी अनिश्चितता बनी हुई है। इन मुद्दों को लेकर पेंशनरों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
फोरम ने प्रदेशाध्यक्ष ई.ए.एस. गुप्ता और महामंत्री श्री चंद्र सिंह मंडयाल को लिखित पत्र प्रेषित कर मांग की कि सभी वित्तीय मांगों को लेकर सरकार और प्रबंधन के विरुद्ध शीघ्र आंदोलन की रणनीति बनाई जाए।
इस अवसर पर राज्य उपाध्यक्ष पवन मोहल ने कहा कि प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के निर्णय का व्यापक विरोध हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम विद्युत क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में पहला चरण है। फोरम ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 1990 में विद्युत बोर्ड में लगभग 43 हजार कर्मचारी कार्यरत थे और उपभोक्ताओं की संख्या करीब 9 लाख थी, जबकि वर्तमान में कर्मचारियों की संख्या घटकर लगभग 13 हजार रह गई है और उपभोक्ता संख्या 29 लाख के करीब पहुंच चुकी है। कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं तथा एक कर्मचारी के जिम्मे 30 से 40 ट्रांसफार्मरों का दायित्व है। फोरम ने तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू कर बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की मांग उठाई।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि सरकारी विभागों पर बिजली बोर्ड के करोड़ों रुपये के बिल बकाया हैं तथा सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का भुगतान भी समय पर नहीं किया जाता, जिससे बोर्ड को घाटे में दिखाया जाता है।
बैठक में महिला सदस्य कमलेश, संधला पठानिया, हरबंस कौर, पंकज शर्मा, कमली देवी, सचिव बालकृष्ण कंदोरिया, उपसचिव इंजीनियर सुखदेव धीमान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमल सिंह ठाकुर, ई. चैन सिंह पठानिया, उपाध्यक्ष केवल सिंह राणा, कीकर सिंह, किशोरी लाल, कोषाध्यक्ष केवल सिंह, वीर सिंह, मुख्य संगठन सचिव ई. मदन धीमान, गणेश चौधरी, मुख्य सलाहकार पूर्ण सिंह ठाकुर, अमर सिंह चौधरी, ऑडिटर ई. कृष्ण धीमान, निमल सिंह पठानिया, श्याम सुंदर, करतार सिंह सहित लगभग 80 पेंशनरों ने भाग लिया।

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