न्यूज इंडिया आजतक मुख्यकार्यालय भरमाड़, संपादक राम प्रकाश बत्स

ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत भरमाड़ को दो अलग-अलग पंचायतों में विभाजित किए जाने के बाद क्षेत्र में उत्साह और संतोष का माहौल है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब पूर्व में संयुक्त रूप से जानी जाने वाली भरमाड़–भगवाल पंचायत को विभाजित कर भरमाड़ और भगवाल नाम से दो स्वतंत्र पंचायतों का गठन कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मैरा पंचायत के कुछ वार्डों को भी नए गठन में समायोजित किया गया है। नवगठित भरमाड़ पंचायत में कुल 11 वार्ड शामिल किए गए हैं और लगभग 4,000 मतदाता इस पंचायत के दायरे में आएंगे। लंबे समय से क्षेत्रवासी पंचायत के पुनर्गठन की मांग कर रहे थे। उनका तर्क था कि पंचायत का क्षेत्रफल अत्यधिक बड़ा होने के कारण विकास कार्यों के क्रियान्वयन में कठिनाइयाँ आ रही थीं। अब इस निर्णय के बाद लोगों को उम्मीद है कि प्रशासनिक कार्यों में तेजी और पारदर्शिता आएगी।स्थानीय ग्रामीणों—पूर्व उपप्रधान राम लुभाया, जगन्नाथ सिंह, सुभाष कुमार, अश्वनी कुमार, रमन कुमार, सुनील कुमार, पृथ्वी पाल, अरुण कुमार, बंसी लाल, राज कुमार, रविंदर कुमार, रशपाल सिंह, अनिल कुमार, रतन सिंह, संदला देवी, प्यारी देवी, संतोष कुमारी, पन्ना कुमारी, रीना देवी, सोनू देवी, सरोज वाला, मीना कुमारी, अयोध्या देवी, सवर्णा देवी, सुदर्शना देवी, दर्शना देवी और इंदु देवी सहित अन्य ग्रामीणों—ने कहा कि अलग पंचायत बनने से विकास कार्यों की निगरानी बेहतर ढंग से हो सकेगी और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।ग्रामीणों का मानना है कि भविष्य में पंचायत कार्यालय, पटवार खाना, स्वास्थ्य उपकेंद्र, पशु औषधालय, सार्वजनिक वितरण प्रणाली डिपो तथा डिस्पेंसरी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी स्थापित की जाएंगी, जिससे लोगों को अपने ही क्षेत्र में सेवाएं उपलब्ध होंगी और दूर-दराज जाने की आवश्यकता कम होगी।इस निर्णय के लिए क्षेत्रवासियों ने कृषि एवं पशुपालन मंत्री चन्द्र कुमार, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह तथा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है।वहीं, पूर्व पंचायत प्रधान सुशील कुमार ने भी सरकार के इस कदम को सराहनीय बताते हुए कहा कि भरमाड़ पंचायत का विभाजन समय की मांग थी और इससे क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

