Kangra 02 jan2026.District Crime Investigation Reporter Dr. Navneet Kumar Sharma

हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम, जवाली यूनिट के त्रैवार्षिक चुनाव शुक्रवार को कल्पना पैलेस, मेरा-जवाली में शांतिपूर्ण ढंग से सर्वसम्मति से संपन्न हुए। चुनाव राज्य उपाध्यक्ष पवन मोहल की अध्यक्षता में तथा जिला कांगड़ा पेंशनर फोरम के सलाहकार सदस्य देव राज रनौत, कर्म सिंह मिन्हास और मोहिंदर सिंह ठाकुर की देखरेख में कराए गए।
चुनाव में राम लुभाया को प्रधान, चैन सिंह पठानिया को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कमल ठाकुर और कीकर सिंह को उपप्रधान, केवल राणा को सचिव, बालकृष्ण चौधरी को संयुक्त सचिव, सुखदेव धीमान को कोषाध्यक्ष, बीर सिंह को सह-सचिव, रोशन चौधरी को मुख्य सलाहकार, अमर सिंह व पूर्ण सिंह को सलाहकार, मदन धीमान को मुख्य संगठन सचिव, गणेश चौधरी को संगठन सचिव, कृष्ण धीमान को ऑडिटर तथा निर्मल सिंह पठानिया, शाम सुंदर और रंजीत सिंह को सदस्य चुना गया।
इस अवसर पर राज्य उपाध्यक्ष पवन मोहल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों—आईपीएच, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, अस्पतालों सहित अन्य विभागों—पर बिजली बोर्ड के करीब 644 करोड़ रुपये के बिजली बिल बकाया हैं, जिन्हें तुरंत हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड के खाते में जमा करवाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और बोर्ड प्रबंधन की नाकामी के कारण ही बोर्ड को घाटे में दिखाया जा रहा है।
पवन मोहल ने कहा कि राजनीतिक दल सत्ता प्राप्ति के लिए मुफ्त बिजली का लालच देते हैं, जिसका सीधा नुकसान प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं, कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार जनता को मुफ्त बिजली देना चाहती है तो उसका भुगतान सरकारी खजाने से किया जाए, ताकि मासिक बिलों की पूरी राशि बोर्ड के खाते में पहुंचे।
उन्होंने पेंशनरों की लंबित मांगों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मार्च 2024 के बाद से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अब तक लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया है। वहीं 01 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी संशोधित लीव इनकैशमेंट व ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिला है। इसके अतिरिक्त 70 व 75 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके पेंशनरों को बकाया राशि, 50 हजार रुपये की संशोधित वेतनमान बकाया की पहली किस्त तथा 20 प्रतिशत संशोधित ग्रेच्युटी का भुगतान भी लंबित है।
राज्य उपाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि बोर्ड प्रबंधन और प्रदेश सरकार ने शीघ्र इन सभी वित्तीय लाभों का भुगतान नहीं किया, तो हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम बड़े आंदोलन का ऐलान करेगा।

