मुख्यकार्यालय भरमाड़ (जवाली) 22 फरवरी 2026, न्यूज़ रूम संपादक राम प्रकाश बत्स
प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट के बाद अब पर्यटकों की आवाजाही से पौंग झील एक बार फिर गुलजार हो उठी है। झील के जलस्तर में कमी आने पर ऐतिहासिक बाथू दी लड़ी के ऊपरी सिरे जैसे ही बाहर दिखाई देने लगे, वैसे ही इसे निहारने के लिए श्रद्धालुओं और सैलानियों का तांता लगना शुरू हो गया है।दूरदराज क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक निजी वाहनों और टैक्सियों के माध्यम से यहां पहुंच रहे हैं।
मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों द्वारा निर्मित इस प्राचीन स्थल के दर्शन को लोग विशेष आस्था से जोड़कर देखते हैं। पानी से उभरती प्राचीन संरचनाएं पर्यटकों के लिए अद्भुत आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
वन्य प्राणी विभाग द्वारा शुरू की गई मोटरबोट सेवा ने इस बार पर्यटन में नई जान फूंक दी है। पर्यटक मोटरबोट के माध्यम से झील के मध्य तक जाकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं। मोटरबोट से सैलानी झील के बीच स्थित रैंसर दी गढ़ी टापू का भी दीदार कर रहे हैं,
जो रोमांच और दृश्य सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।सुरक्षा के मद्देनज़र विभाग द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक पर्यटक को मोटरबोट में बैठने से पहले अनिवार्य रूप से सेफ्टी जैकेट पहनाई जा रही है। प्रशिक्षित चालक और निर्धारित सुरक्षा मानकों के साथ संचालित यह सेवा पर्यटकों को सुरक्षित अनुभव प्रदान कर रही है।
बाथू दी लड़ी के साथ-साथ मोटरबोट सेवा भी इस बार मुख्य आकर्षण बन गई है। प्रतिदिन बढ़ती पर्यटकों की संख्या से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिल रही है और स्थानीय कारोबारियों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई

