हाइलाइट बॉक्स:
(1) रैली महाराणा प्रताप भवन लब से शुरू होकर मिनी सचिवालय ज्वाली तक गई।
(2) तहसीलदार विनोद टंडन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
(3) पूर्व बीडीसी शिंपू जरियाल, चैन सिंह, मिशा शर्मा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद।
(4) रैली में महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
(5) समाज की मांग: यूजीसी एक्ट तुरंत वापस लिया जाए।
jawali india News Deask/02 Feb 2026/Editor Ram Parkash Vats :सोमवार को स्वर्ण समाज के सदस्यों ने यूजीसी एक्ट के विरोध में ज्वाली में भारी रोष रैली निकाली। रैली महाराणा प्रताप भवन लब से शुरू होकर कैहरियां मार्ग से होते हुए मिनी सचिवालय ज्वाली तक गई। रैली में शामिल लोगों ने नारेबाजी करते हुए स्पष्ट किया कि यह कानून समाज के हित में नहीं है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।
रैली के दौरान उपस्थित लोगों ने तहसीलदार ज्वाली विनोद टंडन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में यूजीसी एक्ट को निरस्त करने और समाज की भावनाओं का सम्मान करने की मांग की गई। रैली में पूर्व बीडीसी शिंपू जरियाल, चैन सिंह, मिशा शर्मा, संजय राणा, पंडित विपन शर्मा सहित समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
रैली में शामिल लोगों ने कहा कि यूजीसी एक्ट से शिक्षा क्षेत्र में असमानता और अन्याय बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि यह कानून शिक्षकों, छात्रों और समाज के अन्य वर्गों के हित में नहीं है। रैली में महिलाओं और युवाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही, जिससे आंदोलन को मजबूती मिली।समाज के नेताओं ने रैली के दौरान सभी उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की आवाज़ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार से अपील की कि यूजीसी एक्ट को तुरंत रद्द किया जाए और समाज की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाए। रैली में नारेबाजी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के माध्यम से विरोध प्रकट किया गया।
रैली के समापन पर नेताओं ने उपस्थित लोगों को धन्यवाद दिया और आगे भी इस मुद्दे पर सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो समाज आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है। इस प्रकार यह रैली यूजीसी एक्ट के विरोध में स्वर्ण समाज की दृढ़ता और एकजुटता का प्रतीक बन गई।

